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मध्य प्रदेश: रंजित विलास पैलेस के निजी भूखंडों पर प्रशासनिक चयनात्मक कार्रवाई पर उठे सवाल
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: रतलाम शहर के हृदय में स्थित रंजित विलास पैलेस परिसर केवल एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि रियासत विलय के समय महाराजा रतलाम को प्राप्त निजी संपत्तियों का अभिन्न हिस्सा रहा है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: रतलाम शहर के हृदय में स्थित रंजित विलास पैलेस परिसर केवल एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि रियासत विलय के समय महाराजा रतलाम को प्राप्त निजी संपत्तियों का अभिन्न हिस्सा रहा है। इसी परिसर के मध्य स्थित सूरजपोल क्षेत्र के निजी भूखंड आज एक ऐसे प्रशासनिक आचरण का उदाहरण बन चुके हैं, जहाँ न्यायालयों के आदेश भी चयन के आधार पर माने जा रहे हैं। रियासत विलय और निजी संपत्ति का संवैधानिक सत्य भारत में रियासतों का विलय 1948–50 के बीच हुआ। इस विलय में एक स्पष्ट विभाजन था। यह सिद्धांत संविधान, Covenants और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों से स्थापित है। रंजित विलास पैलेस व उसके भीतर स्थित निजी भूखंड इसी श्रेणी में आते हैं।
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