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राजस्थान: ईडब्ल्यूएस नियमों के सरलीकरण की मांग को लेकर कोटपूतली में विचार गोष्ठी हुई आयोजित
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विस्तार
राजस्थान: कोटपूतलीआर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को सरकारी सेवाओं में दिए जा रहे 10 प्रतिशत आरक्षण के नियमों में सरलीकरण की मांग को लेकर शुक्रवार को कस्बे के पूतली रोड स्थित शरणम पैराडाइज मैरिज गार्डन में ईडब्ल्यूएस जनजागृति मंच के तत्वावधान में एक विशाल विचार गोष्ठी सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ईडब्ल्यूएस समाज के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों, सर्वसमाज के जनप्रतिनिधियों एवं युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभा में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ का कोटपूतली-बहरोड़ जिला मुख्यालय पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उनका काफिला नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ सभा स्थल पहुंचा। इस दौरान उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फूले, संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, पूर्व विधायक स्वर्गीय मुक्ति लाल मोदी एवं महाराजा अग्रसेन की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा स्थल पहुंचने पर युवा कार्यकर्ताओं ने जोश और उत्साह के साथ उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के वर्तमान नियमों में संशोधन और सरलीकरण की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान करने की सोच के तहत लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि इस आरक्षण का लाभ केवल किसी एक समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न वर्गों और समुदायों के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिल रहा है। राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू नियमों में 8 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा, 5 एकड़ कृषि भूमि, ग्रामीण क्षेत्र में 200 गज का आवासीय भूखंड तथा शहरी क्षेत्र में 1000 वर्गफुट मकान जैसी शर्तें निर्धारित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन नियमों के कारण कई पात्र परिवार आरक्षण का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा अपनाए गए मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने केवल आय सीमा को आधार बनाकर अन्य शर्तों में राहत दी थी, जिससे अधिक लोगों को लाभ मिल सका। उन्होंने केंद्र सरकार से राजस्थान मॉडल को केंद्रीय सेवाओं में लागू करने, आय सीमा को 8 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने तथा अन्य नियमों में भी सरलीकरण करने की मांग की। राठौड़ ने कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण को पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय चुनावों में भी लागू किया जाना चाहिए ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी कर सकें। सभा में ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने, पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा आरक्षण व्यवस्था में सुधारों को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि वे ईडब्ल्यूएस समाज के अधिकारों की लड़ाई में हर कदम पर साथ खड़े रहेंगे। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता जगदीश मीणा, रामनिवास यादव, मुकेश यादव, पूर्व चेयरमैन प्रकाश चंद सैनी, एडवोकेट बजरंग लाल शर्मा, नवरत्न शर्मा, रीछपाल सिंह शेखावत, मिथलेश टांक सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट रविन्द्र सिंह शेखावत ने किया, जबकि स्थानीय संयोजक एडवोकेट अशोक बंसल ने स्वागत भाषण एवं एडवोकेट योगेश शरण बंसल ने आभार व्यक्त किया।
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