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राजस्थान: एनएच-52 निर्माण में पहाड़ कटाई और पत्थर गायब होने के लगे आरोप, जांच की मांग हुई तेज

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 28/05/2026 02:17:57 pm Share:
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  • 28/05/2026 02:17:57 pm
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संक्षेप

राजस्थान: टोंक में एस. रहमानएनएच-52 के निर्माण कार्य को लेकर चिरोज बोरखण्डी वन नाका, सोहेला क्षेत्र में बड़ा विवाद सामने आया है।

विस्तार

राजस्थान: टोंक में एस. रहमानएनएच-52 के निर्माण कार्य को लेकर चिरोज बोरखण्डी वन नाका, सोहेला क्षेत्र में बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि हाईवे निर्माण की आड़ में वन क्षेत्र की सरकारी भूमि पर स्थित पहाड़ से कीमती पत्थरों का बड़े पैमाने पर अवैध रूप से दोहन किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगभग एक बीघा क्षेत्र में फैले पहाड़ से लाखों रुपये कीमत के पत्थर हटाए गए, जिनमें करीब 10 ट्रॉली पत्थर पहले ही उपयोग में लिए जाने का आरोप है। लोगों का कहना है कि नियमानुसार इन पत्थरों को नीलाम कर राजस्व में जमा किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मामले के सामने आने के बाद वन विभाग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि विभागीय स्तर पर शुरुआती लापरवाही के चलते पत्थरों का अवैध उपयोग जारी रहा और बाद में शिकायतों के बाद ही कार्रवाई शुरू की गई।

सूत्रों के अनुसार, मामले के तूल पकड़ने पर ठेकेदार की ओर से शेष पत्थरों को विभाग के सुपुर्द करने की बात कही गई है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी मात्रा में कीमती पत्थर मौजूद थे तो उनका रिकॉर्ड और अनुमति सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। इस संबंध में जिला कलेक्टर टीना डाबी से संज्ञान लेने की मांग उठी है, वहीं सीसीएफ अजमेर की भूमिका पर भी नजरें टिकी हुई हैं। इधर विभागीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे ठेकेदार द्वारा तोड़े जा रहे पत्थरों को वन विभाग की सुपुर्दगी में लेने की प्रक्रिया की जा रही है।