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राजस्थान: विरासत से विकास तक भारतीय ज्ञान परंपरा ही हमारी शक्ति: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 28/10/2026 12:25:27 pm Share:
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  • Date:
  • 28/10/2026 12:25:27 pm
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राजस्थान: जयपुर सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को राजस्थान विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में युवाओं से संवाद किया। राजस्थान अध्ययन केंद्र की ओर से आयोजित संगोष्ठी का विषय ‘राजस्थान का लोक साहित्य, कला एवं इतिहास’ रहा। इस दौरान उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, राजस्थान की लोक संस्कृति और आधुनिक तकनीक के महत्व पर अपने विचार रखे। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि भारत ने हर युग में समय के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत और सभ्यतागत चेतना को बनाए रखा है। साहित्य, लोककथाओं, लोकगीतों, कला और परंपराओं के माध्यम से एक पीढ़ी का अनुभव दूसरी पीढ़ी तक पहुंचता रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी विरासत को सहेजते हुए आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना ही भारत की असली ताकत है।

उन्होंने राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि मारवाड़, मेवाड़, ढूंढाड़, हाड़ौती और शेखावाटी की अलग-अलग बोलियां और परंपराएं प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान हैं। विविधताओं के बावजूद लोगों के बीच एक साझा सांस्कृतिक भाव बना हुआ है, जो भारतीय एकता की विशेषता है। राजस्थान की पारंपरिक जल संरक्षण व्यवस्थाओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी पूर्वजों ने जोहड़, बावड़ियां, तालाब और कुंड बनाकर प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित किया। लोक साहित्य, गीतों और परंपराओं में पीढ़ियों का ज्ञान समाहित है, जिसे समझना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है। युवाओं को संबोधित करते हुए कर्नल राठौड़ ने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष तकनीक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए नई तकनीकों को सीखना चाहिए। आधुनिक तकनीक के माध्यम


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