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उत्तर प्रदेश: ऑनलाइन व्यापार पर सख्त नियम और व्यापारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की करी गई मांग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Omprakash Tiwari , Date: 14/03/2026 11:52:47 am Share:
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  • 14/03/2026 11:52:47 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने आज Lok Sabha में छोटे एवं पारंपरिक व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से उठाया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने आज Lok Sabha में छोटे एवं पारंपरिक व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से उठाया। उन्होंने धारा 370 के तहत विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते ऑनलाइन व्यापार के कारण छोटे दुकानदारों और पारंपरिक व्यापारियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने कहा कि बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और आक्रामक मार्केटिंग के जरिए बाजार पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों की आय प्रभावित हो रही है और कई दुकानदारों को अपने कारोबार बंद करने की नौबत आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों के लिए पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। ऑनलाइन व्यापार के लिए स्पष्ट और सख्त नियम, ताकि बड़े प्लेटफॉर्म्स द्वारा अत्यधिक छूट और बाजार पर एकाधिकार की प्रवृत्ति को रोका जा सके। सरकार द्वारा ऐसी नीतियां बनाई जाएं जिससे स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को संरक्षण और समान अवसर मिल सके। व्यापारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था, छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों के लिए चिकित्सा बीमा तथा दुर्घटना बीमा जैसी योजनाएं सुनिश्चित की जाएं।

व्यापारियों की स्थिति पर चिंता

सांसद ने कहा कि देश के लाखों छोटे व्यापारी आज आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। कई परिवार बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं, क्योंकि उनके पास किसी प्रकार का स्वास्थ्य या दुर्घटना बीमा उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी अनदेखी करना उचित नहीं होगा। सरकार को इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए।

सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील

सांसद रवि किशन ने केंद्र सरकार से अपील की कि इस विषय पर शीघ्र विचार कर स्पष्ट नीति और नियम बनाए जाएं, जिससे बाजार में संतुलित और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे तथा छोटे व्यापारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल व्यापारियों का नहीं, बल्कि देश की आर्थिक संरचना और सामाजिक न्याय से भी जुड़ा हुआ है।