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उत्तर प्रदेश: डग्गामार वाहनों में ओवरलोडिंग जारी, सड़क सुरक्षा के लिए खतरा
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ranu , Date: 14/03/2026 01:30:19 pm Share:
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  • 14/03/2026 01:30:19 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: चरखारी महोबा एक ओर जिला प्रशासन सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को लेकर यातायात नियमों के पालन पर सख्ती बरतने की बात कर रहा है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: चरखारी महोबा एक ओर जिला प्रशासन सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को लेकर यातायात नियमों के पालन पर सख्ती बरतने की बात कर रहा है। वहीं चरखारी क्षेत्र में डग्गामार चौपहिया और तिपहिया वाहन संचालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। हालात यह हैं कि जिन वाहनों में आठ सवारियां बैठने की क्षमता होती है, उनमें 20-20 यात्रियों को भूसे की तरह भरकर ढोया जा रहा है, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन वाहनों पर न तो पुलिस की निगाह पड़ती है और न ही यातायात विभाग कोई कार्रवाई करता है। आरोप है कि कई वाहन संचालकों ने पुलिस थानों और चौकियों में “महीना” तय कर रखा है, जिसके चलते कोई भी अधिकारी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं करता। यही वजह है कि ये वाहन दिनदहाड़े बेखौफ होकर सड़कों पर फर्राटा भरते हुए नजर आते हैं।

 

कस्बे से गौरहारी, राठ, सुपा, बफरेता और खरेला जैसे क्षेत्रों के लिए दर्जनों डग्गामार वाहन प्रतिदिन इसी तरह क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों को लेकर निकलते हैं। ऐसे में जरा-सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। क्षेत्र में पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोग घायल हुए और कुछ की जान भी गई। स्थानीय समाजसेवियों ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वाहन संचालकों और यातायात पुलिस की कथित मिलीभगत के कारण आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने ईमानदार छवि के लिए पहचाने जाने वाले पुलिस अधीक्षक एन. कोलांची से मांग की है कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर इस अवैध और खतरनाक परिवहन व्यवस्था पर तुरंत रोक लगाई जाए।