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उत्तर प्रदेश: मेडिकल कॉलेज पहुंचे सांसद इमरान मसूद, व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ghanshyam Das , Date: 08/06/2026 04:30:03 pm Share:
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  • Date:
  • 08/06/2026 04:30:03 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद इमरान मसूद ने सोमवार को सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद इमरान मसूद ने सोमवार को सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत की तथा डॉक्टरों और स्टाफ को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि अस्पताल के दवा वितरण केंद्र और पर्ची काउंटर पर लगे पंखे बंद पड़े हैं, जबकि कर्मचारियों के कमरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसी शिकायत के बाद सांसद इमरान मसूद ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सांसद को अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर गंदगी दिखाई दी। फर्श पर पड़ी प्लास्टिक की पन्नी और कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल देखकर उन्होंने स्वयं उसे उठाकर डस्टबिन में डाल दिया। इस दौरान अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन सांसद ने स्वच्छता का संदेश देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया। सांसद ने अस्पताल प्रशासन से साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा मरीजों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने आम लोगों से भी अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, कूड़ा इधर-उधर न फेंकने और डस्टबिन का उपयोग करने की अपील की।

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर सांसद ने नाराजगी भी जताई। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से कहा कि यदि निरीक्षण के दौरान ही ऐसी स्थिति दिखाई दे रही है तो सामान्य दिनों में व्यवस्थाओं की स्थिति क्या होगी, इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज, स्वच्छ वातावरण और सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को व्यवस्थाओं में सुधार करने तथा मरीजों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।