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उत्तर प्रदेश: मजबूत पत्रकारिता ही आम लोगों की बनती हैं आवाज
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: हमारे देश में कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि आम आदमी अपनी समस्या लेकर थाने, एसपी ऑफिस या डीएम कार्यालय तक जाता है, लेकिन उसकी बात ठीक से नहीं सुनी जाती।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: हमारे देश में कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि आम आदमी अपनी समस्या लेकर थाने, एसपी ऑफिस या डीएम कार्यालय तक जाता है, लेकिन उसकी बात ठीक से नहीं सुनी जाती। कई फरियादी महीनों तक चक्कर लगाते रहते हैं, फिर भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाता। ऐसे में एक मजबूत और सक्रिय पत्रकारिता बहुत जरूरी हो जाती है। अगर हर थाने, हर जिले और हर सरकारी कार्यालय में मीडिया की मौजूदगी हो या पत्रकारों की सीधी पहुँच हो, तो आम लोगों की आवाज दब नहीं पाएगी। जब पीड़ित अपनी बात किसी पत्रकार तक पहुँचाता है और वह खबर पूरे देश में दिखाई जाती है, तब प्रशासन को भी कार्रवाई करनी पड़ती है। कई बड़े भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले भी मीडिया के कारण ही सामने आए हैं।
पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होते हैं। उनका काम सिर्फ खबर दिखाना नहीं बल्कि समाज की सच्चाई को सामने लाना और पीड़ितों की आवाज बनना भी है। अगर हर थाने और हर जिला कार्यालय में मीडिया की व्यवस्था हो या मीडिया हेल्प डेस्क बनाया जाए, तो इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार कम होगा और आम जनता को न्याय मिलने में आसानी होगी। समय आ गया है कि आम लोगों की आवाज को मजबूत किया जाए और पत्रकारिता को और स्वतंत्र व सशक्त बनाया जाए।
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