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उत्तराखंड: भीड़ में खोया 5 वर्षीय मासूम, पुलिस की सूझबूझ और तत्परता से सकुशल परिजनों से मिला
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संक्षेप
उत्तराखंड: देहरादून पुलिस के सतर्क एवं संवेदनशील कार्य का एक सराहनीय उदाहरण गंगोत्री धाम में देखने को मिला, जहां ड्यूटी के दौरान तैनात एक आरक्षी ने तत्परता दिखाते हुए एक बिछड़े हुए बच्चे को उसके माता-पिता से सकुशल मिला दिया। जानकारी के अनुसार, आई.आर.बी. द्वितीय, देहरादून की सेनानायक एवं आईपीएस अधिकारी डॉ. विशाखा अशोक भदाणे के कुशल निर्देशन में गंगोत्री धाम में व्यवस्थापित ‘बी’ दल के तहत आरक्षी प्रीतम सिंह रावत की ड्यूटी लगाई गई थी।
विस्तार
उत्तराखंड: देहरादून पुलिस के सतर्क एवं संवेदनशील कार्य का एक सराहनीय उदाहरण गंगोत्री धाम में देखने को मिला, जहां ड्यूटी के दौरान तैनात एक आरक्षी ने तत्परता दिखाते हुए एक बिछड़े हुए बच्चे को उसके माता-पिता से सकुशल मिला दिया। जानकारी के अनुसार, आई.आर.बी. द्वितीय, देहरादून की सेनानायक एवं आईपीएस अधिकारी डॉ. विशाखा अशोक भदाणे के कुशल निर्देशन में गंगोत्री धाम में व्यवस्थापित ‘बी’ दल के तहत आरक्षी प्रीतम सिंह रावत की ड्यूटी लगाई गई थी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच ड्यूटी निभाते हुए आरक्षी प्रीतम सिंह रावत ने मानवता, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट परिचय दिया। घटना के दौरान गंगोत्री मंदिर परिसर में लगभग 5 वर्षीय एक बालक अचानक अपने माता-पिता से बिछड़ गया। भीड़भाड़ और शोरगुल के बीच बच्चा घबराकर रोने लगा, जिसे देखकर ड्यूटी पर तैनात आरक्षी प्रीतम सिंह रावत ने तुरंत स्थिति को गंभीरता से लिया। उन्होंने बिना समय गंवाए बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और उसे शांत कराया। इसके बाद आरक्षी द्वारा आसपास के क्षेत्र में परिजनों की खोजबीन शुरू की गई। मंदिर परिसर और आसपास मौजूद श्रद्धालुओं से पूछताछ करते हुए लगातार प्रयास किए गए। काफी प्रयासों के बाद बच्चे के माता-पिता का पता लगाया गया और सत्यापन के बाद बालक को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजन अत्यंत भावुक हो गए और उन्होंने राहत की सांस ली। परिजनों ने आरक्षी प्रीतम सिंह रावत के त्वरित निर्णय, सतर्कता और मानवीय व्यवहार की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने इस सराहनीय कार्य के लिए उत्तराखंड पुलिस का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार की तत्परता से श्रद्धालुओं में सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत होती है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी आरक्षी के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि Uttarakhand Police न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि आपात स्थिति में मानवीय मूल्यों के साथ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने में भी अग्रणी भूमिका निभाती है।
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