-
☰
गुजरात: हाईटेंशन पोल लगाने से किसानों में दिखी नाराजगी, उचित मुआवजे और न्याय की उठी मांग
- Photo by : social media
संक्षेप
गुजरात: राज्य में निजी कंपनियों द्वारा किसानों की सहमति के बिना उनकी कृषि भूमि, खेतों और वाड़ियों में हाईटेंशन बिजली के भारी-भरकम पोल लगाए जाने को लेकर किसानों में गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है।
विस्तार
गुजरात: राज्य में निजी कंपनियों द्वारा किसानों की सहमति के बिना उनकी कृषि भूमि, खेतों और वाड़ियों में हाईटेंशन बिजली के भारी-भरकम पोल लगाए जाने को लेकर किसानों में गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में उनकी फसलों, पेड़ों और जमीन को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जबकि इसके बदले उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि बिना अनुमति उनके खेतों में बिजली के पोल खड़े किए जा रहे हैं और हाईटेंशन लाइनें बिछाई जा रही हैं। इस दौरान फसलें नष्ट हो रही हैं और भूमि की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है, जिससे भविष्य में जमीन का बाजार मूल्य भी घट जाता है। किसानों का यह भी आरोप है कि जब वे इसका विरोध करते हैं तो प्रशासन और पुलिस के माध्यम से कार्रवाई कर उन्हें रोका जाता है। स्थानीय किसानों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन या आंदोलन करने पर उन्हें दबाव का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों ने सवाल उठाया है कि जब वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याएं उठाते हैं, तो उनकी सुनवाई क्यों नहीं होती। किसानों का यह भी कहना है कि राज्य के कई जनप्रतिनिधि किसान परिवारों से आने के बावजूद उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसके चलते किसानों में सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर विभिन्न जिलों में किसान संगठनों द्वारा आंदोलन, उपवास और विरोध कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।किसानों ने मांग की है कि उनकी भूमि पर लगाए जा रहे हाईटेंशन पोल के बदले उन्हें उचित और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए और भूमि उपयोग के आधार पर नियमित किराया भी निर्धारित किया जाए। किसान नेता एवं न्याय एवं अधिकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष परसोतमभाई एन. मुंगरा ने कहा कि यदि किसानों को न्याय नहीं मिला तो राज्यभर में किसान आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की एकता को मजबूत कर लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। किसानों ने सरकार से कृषि से जुड़े अन्य मुद्दों जैसे खाद-बीज की कीमतें, डीजल की उपलब्धता, फसल बीमा और ऋण माफी पर भी ध्यान देने की मांग की है।
हरियाणा: विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान को लेकर मतदाता सूची शुद्धिकरण पर दिया गया जोर
हरियाणा: चनौत गांव में खेलों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं को मिला खेल सामग्री का वितरण
हरियाणा: भजन पार्टी ने लोकगीतों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का किया प्रचार-प्रसार
उत्तर प्रदेश: तड़के घर में घुसकर महिलाओं पर हमला, पुलिस ने दर्ज किया केस
राजस्थान: यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य प्रशिक्षण से किशोर-किशोरियों के सशक्तिकरण पर दिया जोर