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गुजरात: अंडरग्राउंड केबल प्रोजेक्ट में लापरवाही, सड़कों पर पड़े बिजली के खंभों से हादसे का बना खतरा

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गुजरात  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 11/06/2026 10:38:14 am Share:
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  • 11/06/2026 10:38:14 am
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संक्षेप

गुजरात: शहर को "केबल फ्री" करने के नाम पर अंडरग्राउंड बिजली केबल प्रोजेक्ट के दौरान UGVCL की गंभीर लापरवाही अब लोगों के जीवन के लिए खतरनाक होती जा रही है।

विस्तार

गुजरात: शहर को "केबल फ्री" करने के नाम पर अंडरग्राउंड बिजली केबल प्रोजेक्ट के दौरान UGVCL की गंभीर लापरवाही अब लोगों के जीवन के लिए खतरनाक होती जा रही है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पुराने बिजली के पोल को हटाए जाने के बाद इसे सही स्थान पर जाने के बजाय सीधे सड़क, सड़क के किनारे और कुछ जगहों पर वाहनों के बीच रखा गया पाया गया है। शहर की सड़कों पर कहीं भी फेंके गए ये भारी सीमेंट और लोहे के बिजली के खंभे अधिकारियों को खुलेआम बुला रहे हैं लाखों रुपये के प्रोजेक्ट में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाने की चर्चा स्थानीय लोगों की है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक दिन में मोटर चालक किसी तरह बच जाते हैं, लेकिन रात में अंधेरे में सड़क पर पड़े बिजली के खंभे साफ दिखाई नहीं दे रहे हैं। बाइक सवार, साइकिल चालक और अन्य मोटर चालक पर गंभीर दुर्घटनाओं का डर लगातार मंडरा रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर कोई निर्दोष नागरिक मर गया या गंभीर रूप से घायल हुआ तो जिम्मेदारी कौन लेगा।

शहर से पहले ही बाहर यातायात व्यवस्था के आरोपों के बीच सड़क पर बिजली के खंभों ने अब और परेशानी पैदा कर दी है। कई जगहों पर सड़के हुई हैं संकुचित, वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और साथ ही ट्रैफिक जाम का माहौल भी अभी तक यूजीवीसीएल के अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि परियोजना कार्य में खुले आम सुरक्षा मानकों और नियमों को हरी झंडी दिखाई जा रही है। जहां खतरनाक बाधाओं को उठाया गया है, वहीं चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेटर, बैरिकेडिंग या कोई अन्य सुरक्षा उपाय नहीं देखा जा रहा है। लोगों के जीवन पर लापरवाही से समझौता करने का आरोप लगाया जाता है। शहर के जागृत नागरिकों का कहना है कि सरकारी व्यवस्था लोगों की सुविधा के लिए काम करने के बजाय अब लोगों के लिए जोखिम पैदा कर रही है। करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की बातों के बीच एक तस्वीर सामने आई है कि सुरक्षा व्यवस्था आम नागरिकों के एजेंडे में नहीं है। सड़क पर उड़ाते बिजली के खंभे विकास नहीं लापरवाही की जीता जागता मिसाल बन चुके हैं।