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झारखण्ड: रक्तदान शिविर में जेएसएलपीएस कर्मियों ने दिखाई मानवता की मिसाल, बढ़-चढ़कर किया रक्तदान
- Photo by : social media
संक्षेप
झारखण्ड: मेदिनीनगर मानवता और सामाजिक सेवा की मिसाल पेश करते हुए जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) पलामू के कर्मियों ने राज्यव्यापी रक्तदान अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विस्तार
झारखण्ड: मेदिनीनगर मानवता और सामाजिक सेवा की मिसाल पेश करते हुए जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) पलामू के कर्मियों ने राज्यव्यापी रक्तदान अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार 24 और 25 जून 2026 को सभी जिलों में न्यूनतम 100 यूनिट रक्त संग्रह करने के लक्ष्य के तहत जेएसएलपीएस जिला कार्यालय, पलामू में विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के पहले ही दिन जिला कार्यालय, विभिन्न प्रखंडों एवं प्रदान संस्था के कर्मियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने का संकल्प लिया। रक्तदान शिविर का शुभारंभ जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनीता केरकेट्टा ने स्वयं रक्तदान कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने सभी स्वस्थ लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही रक्त की कमी की समस्या को दूर किया जा सकता है। शिविर में शामिल कर्मियों ने रक्तदान को मानवता की सेवा का सर्वोत्तम माध्यम बताते हुए स्वेच्छा से भागीदारी निभाई। जिला कार्यालय से नवल किशोर राजू एवं शेखर लाल ने रक्तदान किया। वहीं प्रदान संस्था से प्रिंस सिंह, रुचिका सिंह, सुनील कुमार (बीपीओ), लॉरेंस लकड़ा (बीपीएम, सतबरवा), कुमारी नम्रता (बीपीएम, मनातू), सुमित कुमार (बीपीएम, रामगढ़) और यतीन्द्र ज्योति (बीपीएम, पाटन) सहित कई कर्मियों ने रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की आवश्यकता लगातार बनी रहती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के लिए किसी जीवनदाता से कम नहीं हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रक्तदान शिविर 25 जून को भी जारी रहेगा, जिसमें विभिन्न प्रखंडों के कर्मी, सामुदायिक कैडर एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोग भाग लेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि निर्धारित लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान रक्तदान करने वाले सभी कर्मियों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें भविष्य में भी नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर ने यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति के जीवन को बचाने का अमूल्य योगदान है।