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राजस्थान: डाइट कार्यकारिणी बैठक में शैक्षिक शोध एवं नवाचारों पर हुआ मंथन
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संक्षेप
राजस्थान: टोंक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) टोंक में जिला शिक्षा अनुसंधाता वाकपीठ (डर्फ) की सलाहकार मंडल एवं कार्यकारिणी की सत्रारंभ बैठक का आयोजन किया गया।
विस्तार
राजस्थान: टोंक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) टोंक में जिला शिक्षा अनुसंधाता वाकपीठ (डर्फ) की सलाहकार मंडल एवं कार्यकारिणी की सत्रारंभ बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर के निर्देशन में आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में शैक्षिक उन्नयन, शोध कार्यों के चयन एवं उनके शैक्षिक उपयोग को बढ़ावा देना रहा। बैठक की अध्यक्षता डाइट प्रधानाचार्य पीयूष कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल शर्मा, नीरेन्द्र कुमार गोयल, डाइट टोंक के वरिष्ठ व्याख्याता हनुमान प्रसाद वर्मा सहित कई अधिकारी एवं शिक्षा विशेषज्ञ उपस्थित रहे। बैठक में आईएफआईसी प्रभागाध्यक्ष एवं सचिव कृतिका शर्मा तथा आईएफआईसी प्रभारी रवि प्रकाश विजय ने वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जिले में शोध कार्यों का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण किया गया है तथा शोधार्थियों को प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। साथ ही शोध प्रकाशनों का भी वितरण किया गया, जिससे शिक्षकों में शोध कार्यों के प्रति उत्साह बढ़ा है। कार्यक्रम के दौरान शोधार्थी बद्रीलाल गुर्जर को शैक्षिक शोध के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की मानद उपाधि प्राप्त होने पर सम्मानित किया गया। मंचासीन अतिथियों ने उन्हें प्रशस्ति पत्र, माला एवं साफा पहनाकर सम्मानित किया। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए डर्फ की सदस्यता एवं शोध कार्यों हेतु इच्छुक शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने के लिए गूगल फॉर्म के माध्यम से प्रक्रिया शुरू करने पर चर्चा की गई। साथ ही शोध क्षेत्रों का निर्धारण कर विस्तृत योजना प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया। आईएफआईसी प्रभारी रवि प्रकाश विजय ने पीएचडी एवं एमएड योग्यताधारी शोधकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया ताकि गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य संपन्न हो सकें। शिक्षा विशेषज्ञों डॉ. थानेश्वर शर्मा, चंद्रशेखर, विष्णु बारेठ, महावीर प्रसाद सहित अन्य व्याख्याताओं ने नई शिक्षा नीति, विभागीय योजनाओं, नवाचारों एवं समसामयिक शैक्षिक गतिविधियों पर विचार रखते हुए जिला स्तरीय शोध, सर्वे शोध, क्रियात्मक अनुसंधान एवं केस स्टडी जैसे क्षेत्रों में शोध विषयों के चयन पर सहमति जताई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले के शिक्षकों को अधिक से अधिक अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे शैक्षिक नवाचारों को बढ़ावा मिल सके और जिले में शोध कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हो। इसके अतिरिक्त शोध आकल्पों के अनुमोदन, उपकरण निर्माण तथा प्रतिवेदन लेखन हेतु कार्ययोजना तैयार करने पर भी चर्चा हुई। सत्र 2025-26 में किए गए शोध कार्यों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पीईईओ स्तर तक ‘शोध सरिता’ एवं ‘शोध सार’ पत्रिका पहुंचाने की योजना को भी मंजूरी दी गई। बैठक में शोध प्रकाशनों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर मोनिका सोनी, रवि प्रकाश दाधीच, रेखा कोठारी, समता जैन, परसराम मीणा, डॉ. बिमलेश शर्मा, संदीप कुमार जैन, अनिल कुमार नागर, सुनील मिश्रा, गिर्राज प्रसाद शर्मा, मोरपाल गुर्जर, दया शंकर शर्मा, बनवारी लाल सैनी, कमलेश कुमार माली सहित अनेक शोधकर्ता एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।
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