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राजस्थान: गंगासागर तालाब और पांडवकालीन बावड़ी के जीर्णोद्धार की मांग, मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 11/06/2026 10:51:22 am Share:
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  • 11/06/2026 10:51:22 am
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संक्षेप

राजस्थान: कोटपूतली भाजपा युवा मोर्चा जयपुर देहात उत्तर के जिला उपाध्यक्ष ने राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा को ज्ञापन सौंपकर कोटपूतली नगर परिषद क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक गंगासागर तालाब एवं लगभग 5000 वर्ष पुरानी पांडवकालीन बावड़ी के संरक्षण, संवर्धन और शीघ्र जीर्णोद्धार की मांग की है।

विस्तार

राजस्थान: कोटपूतली भाजपा युवा मोर्चा जयपुर देहात उत्तर के जिला उपाध्यक्ष ने राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा को ज्ञापन सौंपकर कोटपूतली नगर परिषद क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक गंगासागर तालाब एवं लगभग 5000 वर्ष पुरानी पांडवकालीन बावड़ी के संरक्षण, संवर्धन और शीघ्र जीर्णोद्धार की मांग की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की इन महत्वपूर्ण धरोहरों की उपेक्षा के कारण इनकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जिससे इनके अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है।  ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि गंगासागर तालाब और पांडवकालीन बावड़ी न केवल क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान हैं, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहरें हैं। वर्षों से उचित देखरेख और संरक्षण के अभाव में दोनों स्थलों की स्थिति जर्जर हो चुकी है। गंगासागर तालाब के घाट, परकोटे और अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जबकि पांडवकालीन बावड़ी भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गई है।

प्रवीण कुमार बंसल ने कहा कि आगामी मानसून से पूर्व यदि इन दोनों धरोहरों के संरक्षण एवं मरम्मत कार्य शुरू कराए जाएं तो यह अधिक प्रभावी और उपयोगी साबित होगा। उन्होंने मांग की कि प्रशासन तत्काल आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य करवाए, ताकि इन ऐतिहासिक स्थलों को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि गंगासागर तालाब और बावड़ी परिसर की नियमित साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण तथा रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। साथ ही असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने और धरोहरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना था कि उचित संरक्षण और निगरानी के अभाव में इन स्थलों को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।

प्रवीण बंसल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के कदम नहीं उठाए गए तो यह अमूल्य ऐतिहासिक धरोहरें स्थायी रूप से नष्ट होने की कगार पर पहुंच सकती हैं। उन्होंने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से इस विषय को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। इस अवसर पर कृषि उपज मंडी श्रीमाधोपुर के पूर्व चेयरमैन महेश मीणा, सांगटेड़ा सरपंच सोनू चौधरी, अग्रवाल समाज अध्यक्ष योगेश शरण बंसल, सामाजिक कार्यकर्ता प्रफुल रमन, अरविंद वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए सरकार से त्वरित कदम उठाने की मांग की।