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राजस्थान: ऐतिहासिक जलधरोहरों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुआ शुरू
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संक्षेप
राजस्थान: फलोदी जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक तालाबों और जल धरोहरों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के अभियान के तहत रविवार को नगर परिषद प्रशासन द्वारा पणिहारी तालाब क्षेत्र में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
विस्तार
राजस्थान: फलोदी जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक तालाबों और जल धरोहरों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के अभियान के तहत रविवार को नगर परिषद प्रशासन द्वारा पणिहारी तालाब क्षेत्र में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जैसे ही नगर परिषद का अतिक्रमण दस्ता पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचा, क्षेत्र में हलचल मच गई और अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद का अतिक्रमण दस्ता और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रही। प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की थी। इस दौरान नगर परिषद के आयुक्त अनिल विश्नोई, थाना अधिकारी भंवराराम तथा नगर परिषद के सहायक अभियंता राजेश विश्नोई मौके पर उपस्थित रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए। प्रशासन द्वारा शहर की जल धरोहरों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला मुख्यालय स्थित गुलाब सागर सहित तीन प्रमुख तालाबों की खुदाई और पुनर्विकास का कार्य भी प्रगति पर है। इन तालाबों को विकसित कर उन्हें कृत्रिम झील का स्वरूप देने की योजना पर काम किया जा रहा है, जिससे न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहर की सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन भी सुदृढ़ होगा। अधिकारियों ने बताया कि तालाबों की मूल सीमा में किए गए सभी अतिक्रमणों को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है, ताकि जलभराव क्षेत्र सुरक्षित रह सके और वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि जल स्रोतों के संरक्षण से आने वाले समय में क्षेत्र की जल समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। लोगों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षित पड़े तालाबों को पुनर्जीवित करने और अतिक्रमण हटाने से शहर के पर्यावरण में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। गौरतलब है कि फलोदी क्षेत्र में बढ़ती जल आवश्यकता और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन द्वारा जल धरोहरों के संरक्षण और पुनरोद्धार को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि शहर की प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके।
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