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राजस्थान: रोजगार योजना बनी मजाक, मनरेगा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 28/05/2026 03:28:38 pm Share:
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  • 28/05/2026 03:28:38 pm
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संक्षेप

राजस्थान: टोंक जिले के पीपलू क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सोहेला के ग्रामीणों ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की है।

विस्तार

राजस्थान: टोंक जिले के पीपलू क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सोहेला के ग्रामीणों ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में पिछले करीब दो वर्षों से मनरेगा कार्य पूरी तरह से बंद पड़े हैं, जिससे मजदूरों को रोजगार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा में गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं। मस्टरोल तो निकाली जाती है, लेकिन मजदूरों को कार्य पर नहीं लगाया जाता। इसके बजाय केवल औपचारिकता पूरी कर दूसरी मस्टरोल जारी कर दी जाती है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जेबाडिया क्षेत्र में 14 मई से 25 मई तक 70 लोगों की मस्टरोल जारी की गई, लेकिन मजदूरों के उपस्थित न होने का हवाला देकर कार्य शुरू नहीं कराया गया और मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह गया।

ग्रामीणों ने विकास कार्यों की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि बीसलपुर परियोजना के तहत स्वीकृत 20 पाइंट में से केवल 2 पाइंट ही शुरू हो पाए हैं, जिससे पेयजल संकट गहराता जा रहा है। वहीं गांव में पिछले लगभग दो महीनों से सड़क लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे रात्रि के समय आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके अलावा ग्रामीणों ने गांव में बंदरों के बढ़ते आतंक पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि बंदरों के कारण महिलाएं, बच्चे और आमजन भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं तथा कई बार नुकसान की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने विकास कार्यों में लापरवाही पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से सख्त कार्रवाई और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में हंसराज गुर्जर, सीताराम गुर्जर, रामकुवार, बाबूलाल, रफीक मंसूरी, अजय सेन, सुरेश चौधरी सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।