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राजस्थान: ICAR वैज्ञानिक डॉ. सिको जोस विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में हुए शामिल
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विस्तार
राजस्थान: टोंक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अधीन संचालित केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर मालपुरा (टोंक) को एक और बड़ी वैश्विक उपलब्धि प्राप्त हुई है। संस्थान के वस्त्र निर्माण एवं वस्त्र रसायन विभाग में कार्यरत वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सिको जोस को प्रतिष्ठित “ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स” द्वारा विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। डॉ. जोस की यह उपलब्धि उनके उत्कृष्ट शोध कार्य, उच्च स्तरीय वैज्ञानिक लेखन और सतत नवाचारों के आधार पर प्राप्त हुई है। इस वैश्विक मान्यता से न केवल अविकानगर संस्थान का गौरव बढ़ा है, बल्कि भारत के कृषि अनुसंधान क्षेत्र को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। डॉ. सिको जोस लंबे समय से टेक्सटाइल केमिस्ट्री (वस्त्र रसायन) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं। उन्होंने भेड़ की ऊन के प्रसंस्करण, उसके विविधीकरण तथा आधुनिक वस्त्र निर्माण तकनीकों में कई नवाचार किए हैं। उनके नाम कई अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हैं तथा उनके कार्यों पर आधारित अनेक पेटेंट भी दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, डॉ. जोस द्वारा विकसित कई “कमर्शियलाइज्ड टेक्नोलॉजी” आज उद्योग जगत में उपयोग की जा रही हैं, जिससे ऊन आधारित उत्पादों के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हुई हैं। उनके शोध कार्यों के लिए उन्हें पूर्व में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। इस उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. सिको जोस को बधाई दी। उन्होंने वस्त्र निर्माण एवं वस्त्र रसायन विभाग द्वारा पिछले वर्षों में किए गए निरंतर अनुसंधान कार्यों की सराहना की। डॉ. तोमर ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के सभी वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और इससे अनुसंधान कार्यों में और अधिक गति आएगी। निदेशक ने सभी वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अनुसंधान कार्य जारी रखें, ताकि संस्थान को वैश्विक स्तर पर और अधिक पहचान मिल सके। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार और डॉ. विनोद कदम सहित पूरी टीम के सामूहिक योगदान की सराहना की गई। संस्थान के मीडिया प्रभारी डॉ. अमरसिंह मीना ने बताया कि अविकानगर संस्थान का वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का लंबा इतिहास रहा है और इससे पहले भी संस्थान के कई वैज्ञानिकों को अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में उच्च स्थान प्राप्त हो चुका है। यह उपलब्धि अविकानगर संस्थान की बढ़ती वैज्ञानिक प्रतिष्ठा और शोध उत्कृष्टता को दर्शाती है, जिससे भारत के कृषि एवं वस्त्र अनुसंधान क्षेत्र को वैश्विक मंच पर नई मजबूती मिली है।
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