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राजस्थान: नारेहड़ा-पनियाला बाईपास हादसों पर उठे बड़े सवाल, ग्रामीणों के विरोध के बाद शुरू हुए सुरक्षा इंतजाम

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 27/06/2026 02:08:52 pm Share:
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  • Published by: Pramod Kumar Bansal ,
  • Date:
  • 27/06/2026 02:08:52 pm
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राजस्थान: कोटपूतली नारेहड़ा-पनियाला बाईपास पर लगातार हो रहे हादसों ने आखिरकार प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब छह माह पहले अधूरे कार्य के बावजूद बाइपास को बिना उ‌द्घाटन, यातायात के लिए खोल दिया गया, लेकिन आज तक कई जरूरी सुरक्षा इंतजाम पूरे नहीं हो सके। हालत यह है कि जगह-जगह संकेतक बोर्ड नहीं हैं, कई कट असुरक्षित बने हुए हैं और स्पीड कंट्रोल की प्रभावी व्यवस्था नहीं थी, जबकि टोल वसूली जारी रही। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ने गोपालपुरा कट सहित कई स्थानों दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ था। कई बार प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियों को अवगत कराने के बावजूद सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। नतीजा यह रहा कि आए दिन हादसे होते रहे और कई परिवार अपनों को खोते रहे।

मंगलवार को गोपालपुरा कट पर हुए दर्दनाक हादसे में मोटरसाइकिल सवार चाचा और मासूम भतीजी की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते बैरिकेडिंग और स्पीड ब्रेकर लगा दिए जाते तो यह हादसा टल सकता था। ग्रामीणों के आंदोलन और प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद बुधवार को गोपालपुरा कट पर बैरिकेडिंग तथा स्पीड ब्रेकर लगाने का कार्य शुरू कराया गया। पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में सुरक्षा इंतजाम किए गए, लेकिन लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई हादसे से पहले होनी चाहिए थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बाईपास का निर्माण कार्य अब तक पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ, सुरक्षा संकेतक और आवश्यक सुविधाएं अधूरी हैं, तो फिर इसका उ‌द्घाटन किस आधार पर किया गया? और यदि सड़क सुरक्षित नहीं थी, तो छह माह से टोल वसूली क्यों की जा रही थी? क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।