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उत्तर प्रदेश: अमरजीत यादव का सरकार पर हमला, छात्र आंदोलन और संसद की कार्यशैली पर उठाए सवाल
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Amarjeet Yadav , Date: 03/08/2026 05:04:29 pm Share:
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  • 03/08/2026 05:04:29 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: वर्तमान समय में हमारे देश में सबसे ज्वलंत मुद्दा छात्र आंदोलन और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का चल रहा है यह सभी लोगों को पता है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: वर्तमान समय में हमारे देश में सबसे ज्वलंत मुद्दा छात्र आंदोलन और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का चल रहा है यह सभी लोगों को पता है। राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने कहा कि कोई भी रंग व कोई भी धर्म किसी की जागीर नहीं है। सच्चाई का पर्दाफाश करने के लिए जो भी सदन में हुआ कुछ गलत नहीं था केवल जनता का ध्यान भटकाने तथा अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए धर्म और आस्था की आड में बचना चाहते हैं जबकि यह जनता व देश के साथ अन्याय है। देश में अपने हक और अधिकार के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे आंदोलन में देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की नाक के नीचे जब संवैधानिक नियमों की धज्जियां उड़ाई गई और छात्रों पर गन तथा लाठियां बरसाई गई प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के इस कृत्य की पूरे देश में निन्दा हो रही है क्योंकि जब तक गृहमंत्री और प्रधानमंत्री नहीं चाहेंगे तब तक लाठी चार्ज नहीं हो सकती इस लिए लाठी चार्ज के पूरे जिम्मेदार गृहमंत्री व प्रधानमंत्री हैं।

इसके लिए दोनों लोगों को सार्वजनिक मंच से माफी मांगते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए हमारे देश के माननीय सांसदों एवं विधायकों की भाषा इतनी व्यंग्यात्मक और द्वेशात्मक हो ग ई है कि यह नहीं लगता कि पद और स्थान की कोई गरिमा बची है संसद सत्र चल रहा है। हमारे देश का राजनैतिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक ढांचा इतना बदल गया है कि एक सामान्य व्यक्ति को यह समझ पाना बहुत ही मुश्किल है की कब कहां और कैसे किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए इसका नजारा देश की सबसे ऊंची अदालत संसद भवन में चुने हुए सांसदों द्वारा देखने को मिलता है।

 

वहां पर भी इस तरह का भेदभाव होता है कि अगर सत्ता पक्ष के सांसद कुछ भी बोल जाते हैं, लेकिन स्पीकर द्वारा किसी प्रकार की कोई चेतावनी या कार्रवाई नहीं होती लेकिन विपक्ष द्वारा सही बोलने पर भी माननीय स्पीकर द्वारा बार-बार चेतावनी का दौर चलता रहता है, जबकि इस सदन में किरण रिजीजू निशिकांत दुबे कंगना रनौत आदि सांसदों द्वारा ऐसा बयान दिया जाता है की आम व्यक्ति उसे शब्द को बोलने में भी संकोच खाएंगे यह गतिविधि कई बार देखने को मिल चुकी है अमरजीत यादव ने कहा कि देश की सत्ता तानाशाही के बल पर बिपक्ष की आवाज को दवाकर मनमानी करना चाहती है।