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गुजरात: हाईटेंशन पोल विवाद पर किसानों का शक्ति प्रदर्शन, सरकार से संशोधन की मांग
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संक्षेप
गुजरात: हाईटेंशन बिजली के पोल एवं विद्युत लाइन के मुद्दे पर गुजरात सरकार द्वारा किसानों के लिए जारी मुआवजा एवं सहायता संबंधी परिपत्र को राज्य के किसान स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
विस्तार
गुजरात: हाईटेंशन बिजली के पोल एवं विद्युत लाइन के मुद्दे पर गुजरात सरकार द्वारा किसानों के लिए जारी मुआवजा एवं सहायता संबंधी परिपत्र को राज्य के किसान स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इस परिपत्र में संशोधन की मांग को लेकर किसान समिति तथा न्याय एवं अधिकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री परसोतमभाई एन. मुंगरा ने किसानों के हित में जामनगर सेवा सदन स्थित जिला कलेक्टर को लिखित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि किसानों की मांगों को गुजरात सरकार तक पहुंचाया जाए तथा हाईटेंशन विद्युत लाइन से संबंधित समस्याओं का समाधान करते हुए किसानों की सभी जायज मांगों को स्वीकार किया जाए। किसानों का कहना है कि कई स्थानों पर सर्वे के अनुसार जहां बिजली का पोल प्रस्तावित नहीं था, वहां भी पोल लगा दिए गए हैं। इस सर्वे में बड़े पैमाने पर त्रुटियां देखने को मिली हैं। किसानों ने बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा देने तथा किसानों पर होने वाले पुलिस दमन को तत्काल बंद करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि "किसान जगत का तात (पालनहार) है, लेकिन गुजरात सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है।" इसी कारण किसानों को जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसी मांग को लेकर 31 जुलाई 2026 को जामनगर में वीरलबाग से जिला कलेक्टर कार्यालय तक विशाल किसान रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान नेता, किसान समितियों के पदाधिकारी, महिलाएं एवं किसान शामिल हुए और जिला कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर न्याय एवं अधिकार समिति के जामनगर तालुका उपाध्यक्ष श्रीमती आशाबेन सोजीत्रा, समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री परसोतमभाई एन. मुंगरा, जामनगर के सामाजिक कार्यकर्ता श्री किशन लालजीभाई राबड़िया, अलीयाबादा-गोकुलपरा गांव के किसान नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री धर्मेशभाई वल्लभभाई सोरठिया सहित अनेक किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मोरबी जिले से भी लंबे समय तक किसानों के आंदोलन के दौरान उपवास कर चुके किसान नेता अमृतिया रैली में शामिल हुए। उन्होंने भी जिला कलेक्टर को लिखित ज्ञापन देकर मांग की कि जिन किसानों के खेतों से हाईटेंशन बिजली के पोल और तार गुजरते हैं, उन्हें बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिया जाए। रैली में किसान न्याय समिति राजकोट की महिला जिला अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सदस्य श्रीमती अल्याबेन पटेल भी उपस्थित रहीं। इसके अलावा सूर्यपरा गांव के श्री शैलेशभाई मंजीभाई वाडोदरिया, गोकुलपरा के श्री मनसुखभाई मोहनभाई मुंगरा, किसान एवं शिक्षक श्री छगनभाई नाथाभाई मुंगरा ने भी रैली में भाग लेकर किसानों का समर्थन किया। साथ ही सूर्यपरा गांव के पाटीदार अग्रणी एवं पूर्व सरपंच श्री देवराजभाई धरमशीभाई मुंगरा, पूर्व महिला सरपंच श्रीमती प्रभाबेन आंबाभाई मुंगरा तथा पूर्व उपसरपंच श्री कल्पेशभाई करशनभाई मुंगरा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर किसानों का समर्थन किया। आंदोलन को और अधिक मजबूती देने के लिए लतीपुर गांव के किसान एवं प्रसिद्ध उद्योगपति श्री लालजीभाई राबड़िया भी रैली में शामिल हुए। रैली में विभिन्न जिलों से हजारों किसान अपने अधिकारों और न्यायपूर्ण मुआवजे की मांग को लेकर शामिल हुए तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद की।
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