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गुजरात: PM आवास योजना के नाम पर घूसखोरी, ग्राम सेवक पकड़ा गया रंगे हाथों 

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गुजरात  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 30/04/2026 10:48:32 am Share:
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  • 30/04/2026 10:48:32 am
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गुजरात: मेहसाणा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो एसीबी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने वाले एक ग्राम सेवक को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं, वहीं एसीबी की तत्परता की सराहना भी हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी अजय सिंह कानूसिंह राजपूत, जो कि बीजापुर तालुका पंचायत में अनुबंध आधारित ग्राम सेवक के रूप में कार्यरत था, ने शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। यह रिश्वत प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि की अगली किस्त जारी करने के बदले मांगी गई थी।

शिकायतकर्ता ने एसीबी गांधीनगर यूनिट से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत की सत्यता की पुष्टि करने के बाद एसीबी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया। 29 अप्रैल 2026 को आनंदपुरा सर्कल, विजापुर में जाल बिछाया गया, जहां आरोपी ने शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार की। जैसे ही आरोपी ने रकम ली, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।

जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता के दादा के पुराने मकान को गिराकर नया घर बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 1,20,000 रुपये की सहायता स्वीकृत हुई थी। इस राशि की किश्तों में भुगतान होना था, जिसमें तीसरी किस्त 50,000 रुपये और अंतिम किस्त 10,000 रुपये की थी। इन्हीं किश्तों को जारी करने में तेजी लाने के नाम पर आरोपी ने रिश्वत की मांग की थी।

इस पूरे ट्रैप ऑपरेशन का नेतृत्व ट्रैपिंग ऑफिसर श्री के.के. देसाई ने किया, जबकि पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में ए.के. परमार सहायक निदेशक, एसीबी गांधीनगर मौजूद रहे। वहीं इस कार्रवाई की समग्र जिम्मेदारी उप निदेशक हरेश मेवाड़ा एसीबी अहमदाबाद के पास थी।

एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मचारियों को भी सख्त संदेश गया है कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से आम जनता का सरकारी योजनाओं पर भरोसा मजबूत होगा और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।