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हरियाणा: फर्जी इंश्योरेंस ठगी गिरोह के 4 और आरोपी हुए गिरफ्तार, कुल 7 लोग दबोचे
- Photo by : social media
विस्तार
हरियाणा: पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर (आईपीएस) के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना फतेहाबाद ने फर्जी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे। अब तक कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस पूरे साइबर नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों, बैंक खातों, डिजिटल ट्रेल और अन्य सदस्यों की पहचान कर नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि कुमार उर्फ रवि निवासी हांसी, रवि कुमार निवासी अशोक नगर फतेहाबाद, रिपन निवासी बरसीन तथा नितेश कुमार निवासी भोडिया खेड़ा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गिरोह के तार उड़ीसा, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों से जुड़े मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने प्रेस वार्ता में बताया कि शिकायतकर्ता बलजिंद्र सिंह, जो भारतीय सेना में लांस नायक हैं और गांव हिजरावां कलां के निवासी हैं, को आरोपियों ने खुद को एक प्रतिष्ठित लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कस्टमर आईडी बनाने और विशेष लाभ दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने विश्वास में लेकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में किश्तों के माध्यम से कुल 4,46,882 रुपये जमा करवा लिए। रकम लेने के बाद न तो कोई पॉलिसी उपलब्ध कराई गई और न ही पैसे वापस किए गए। खुद को ठगी का शिकार महसूस होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, यूपीआई ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी जांच के आधार पर पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस रिमांड के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर गिरोह के दो अन्य सदस्यों रिपन और नितेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। इनमें विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, डेल का लैपटॉप, कैनन प्रिंटर, तीन सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड, वीआई कंपनी के फर्जी टावर से जुड़े दस्तावेज तथा फर्जी मोहरें शामिल हैं। इसके अलावा आरोपियों से कुल 65 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और ठगी की रकम की रिकवरी को लेकर जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बीमा, निवेश, केवाईसी, कस्टमर आईडी, लॉटरी या किसी भी वित्तीय लाभ के नाम पर आने वाले फोन या सोशल मीडिया संदेशों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन **1930** या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।