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राजस्थान: 76 वर्ष की उम्र में भी शिक्षा का जुनून, पूर्व तहसीलदार रामनिवास यादव बने मिसाल
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विस्तार
राजस्थान: कोटपूतली "सीखने की कोई उम्र नहीं होती"—इस कहावत को पावटा के 76 वर्षीय पूर्व तहसीलदार रामनिवास यादव ने एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है। उन्होंने राजकीय एलबीएस पीजी महाविद्यालय स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) अध्ययन केंद्र पर आयोजित जून सत्रांत परीक्षा-2026 में एमए समाजशास्त्र की परीक्षा देकर शिक्षा के प्रति अपनी अटूट लगन और समर्पण का परिचय दिया। इग्नू अध्ययन केंद्र के संयोजक डॉ. पी.सी. जाट ने बताया कि रामनिवास यादव इससे पहले इग्नू से एमए ज्योतिष शास्त्र तथा मानवाधिकार, पर्यावरण एवं शांति अध्ययन में डिप्लोमा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यादव का निरंतर अध्ययन युवाओं के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी प्रेरणादायक है। डॉ. जाट के अनुसार, मानवाधिकार, पर्यावरण एवं शांति अध्ययन में डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद रामनिवास यादव सामाजिक सरोकारों के कार्यों में और अधिक सक्रिय हो गए। वे "एक कदम गाँव की ओर" नामक गैर-सरकारी संगठन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता तथा आपसी समझाइश के जरिए विवादों के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। रामनिवास यादव का कहना है कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनभर सीखते रहने और समाज को सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी साधन है। उनकी यह प्रेरक पहल साबित करती है कि यदि सीखने का संकल्प मजबूत हो, तो उम्र कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती।
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