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राजस्थान: भीषण गर्मी में मटकों की बढ़ी मांग, बाजारों में मटका खरीदारों की उमड़ी भीड़

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 29/04/2026 04:23:46 pm Share:
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  • 29/04/2026 04:23:46 pm
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राजस्थान: 

भीषण गर्मी के असर से टोंक के स्थानीय बाजारों में इन दिनों खासा रौनक देखने को मिल रही है। बढ़ते तापमान के बीच लोग ठंडे पानी के पारंपरिक साधनों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसके चलते मटके, घड़े, हांडी और पानी रखने के अन्य बर्तनों की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। बाजार में इस बार अलग-अलग आकार, डिजाइन और रंगों में तैयार किए गए मटके लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

खरीदारों का कहना है कि मिट्टी के बर्तनों में रखा पानी न केवल प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। स्थानीय महिलाएं विमला, सरोज और पूनम बताती हैं कि फ्रिज के पानी की तुलना में मटके का पानी ज्यादा सुकून देने वाला और शरीर के लिए बेहतर होता है। यही वजह है कि हर साल गर्मियों में इनकी मांग बढ़ जाती है। कीमतों की बात करें तो मटके आम लोगों के बजट में आसानी से उपलब्ध हैं। छोटे आकार के मटके लगभग 50 रुपये से शुरू होकर बड़े और डिजाइनर मटकों की कीमत 300 से 400 रुपये या उससे अधिक तक जा सकती है।

किफायती होने के कारण हर वर्ग के लोग इन्हें खरीदना पसंद कर रहे हैं। मांग में बढ़ोतरी का सीधा फायदा कुम्हारों को भी मिल रहा है। लंबे समय से पारंपरिक काम में लगे कारीगरों के लिए यह सीजन कमाई का अहम मौका बनकर आया है। कुम्हारों का कहना है कि इस बार ऑर्डर ज्यादा मिल रहे हैं, जिससे उनकी आय में सुधार की उम्मीद है। दुकानदारों के अनुसार, इस बार ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए खास तरह के मटके तैयार करवाए गए हैं। इन पर आकर्षक नक्काशी, रंग-बिरंगी पेंटिंग और आधुनिक डिजाइन का काम किया गया है, जिससे ये सिर्फ उपयोगी ही नहीं बल्कि सजावटी रूप में भी पसंद किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, भीषण गर्मी के बीच पारंपरिक मटकों की वापसी ने न केवल लोगों को राहत दी है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों के लिए भी नए अवसर पैदा किए हैं।