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राजस्थान: तीन दिवसीय महोत्सव के साथ भव्य बाबा रामदेव मंदिर में होगी प्राण प्रतिष्ठा

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 15/06/2026 12:30:24 pm Share:
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  • 15/06/2026 12:30:24 pm
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संक्षेप

राजस्थान: नगरफोर्ट धारा नगरी के नाम से विख्यात नगरफोर्ट के बड़ी स्कूल स्थित बैरवा मोहल्ले में निर्मित भव्य बाबा रामदेव मंदिर में डोरा, मूर्ति एवं शिखर कलश स्थापना को लेकर तीन दिवसीय महोत्सव सोमवार से शुरू होगा।

विस्तार

राजस्थान: नगरफोर्ट धारा नगरी के नाम से विख्यात नगरफोर्ट के बड़ी स्कूल स्थित बैरवा मोहल्ले में निर्मित भव्य बाबा रामदेव मंदिर में डोरा, मूर्ति एवं शिखर कलश स्थापना को लेकर तीन दिवसीय महोत्सव सोमवार से शुरू होगा। करीब नौ वर्षों के लंबे निर्माण कार्य के बाद तैयार हुए इस मंदिर के निर्माण पर लगभग एक करोड़ रुपये की लागत आई है। मंदिर अब क्षेत्र की नई धार्मिक पहचान के रूप में स्थापित होने जा रहा है। मंदिर समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश बैरवा, कोषाध्यक्ष राजेश बैरवा एवं व्यवस्थापक प्रकाश बैरवा ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ 15 जून को रामायण पाठ के साथ किया जाएगा। 16 जून को नगर में विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी तथा रात्रि में भजन संध्या का आयोजन होगा। इस अवसर पर राजस्थान के प्रसिद्ध भजन गायक धर्मेंद्र गावड़ी अपनी मंडली के साथ भक्ति प्रस्तुतियां देंगे। 17 जून को मंदिर में स्थापित छह मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा के साथ 75 फीट ऊंचे शिखर पर कलश स्थापना का कार्यक्रम संपन्न होगा। करीब 109 महीनों में निर्मित इस मंदिर का क्षेत्रफल 2800 वर्ग फीट है। मंदिर की लंबाई 70 फीट, चौड़ाई 40 फीट तथा कुल ऊंचाई 75 फीट है, जिसमें 20 फीट मंदिर और 55 फीट शिखर शामिल है। मंदिर को आकर्षक वास्तुकला और लोक संस्कृति से जुड़े चित्रों से सजाया गया है।

मंदिर के गर्भगृह में बाबा रामदेव जी की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके अलावा बालीनाथ, हरजी भाटी, डाली बाई, सुगना तथा भांजे की मूर्तियां भी विराजमान होंगी। जयपुर में निर्मित इन मूर्तियों की कुल लागत लगभग छह लाख रुपये है। वहीं शिखर पर कलश स्थापना के साथ चारों दिशाओं में अरुण, वरुण, यम और कुबेर की प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी। विशेष बात यह है कि मंदिर का निर्माण पूरी तरह बैरवा समाज के सहयोग से किया गया है। समाज के परिवारों से नियमित किस्तों के माध्यम से राशि एकत्र कर इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता भी समाज के सक्षम लोगों द्वारा की गई। समिति के अनुसार वर्तमान में 152 दंपती और 43 एकल सदस्य इस धार्मिक अभियान से जुड़े हुए हैं।