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उत्तर प्रदेश: भीषण आग से 30-50 घर हुए राख, कई परिवार बेघर

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उत्तर प्रदेश  Published by: Arun Kumar Patel , Date: 20/04/2026 11:19:54 am Share:
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  • Published by: Arun Kumar Patel ,
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  • 20/04/2026 11:19:54 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद बलिया के उभांव थाना क्षेत्र अंतर्गत हल्दी रामपुर चट्टी के समीप स्थित हल्दी रामपुर छवियां गांव में शनिवार को अचानक लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद बलिया के उभांव थाना क्षेत्र अंतर्गत हल्दी रामपुर चट्टी के समीप स्थित हल्दी रामपुर छवियां गांव में शनिवार को अचानक लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। आग की चपेट में आकर करीब 30 से 50 घर जलकर पूरी तरह राख हो गए, जिससे कई परिवार बेघर हो गए और गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि आग अचानक भड़की और कुछ ही देर में तेज हवाओं के चलते पूरे इलाके में फैल गई। ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते उनके आशियाने आग की लपटों में घिर गए। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, नगदी और जरूरी कागजात सब कुछ जलकर खाक हो गया। इस हादसे में गांव निवासी बेचन राजभर और उनकी पुत्री आग की चपेट में आकर झुलस गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत सियर स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा गांव धुएं के गुबार में तब्दील हो गया। तेज हवा के कारण आग ने एक के बाद एक कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि अधिकांश मकान कच्चे और फूस के बने थे, इसलिए आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की भरपूर कोशिश की। बाल्टियों से पानी डालकर और हैंडपंप के सहारे आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग की तीव्रता के सामने सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रखा।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की जा रही है, साथ ही नुकसान का आकलन कर सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस अग्निकांड के बाद गांव में गम और चिंता का माहौल है। जिन परिवारों के घर जल गए हैं, वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द राहत सामग्री, भोजन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करती है और भविष्य में सतर्कता बरतने की आवश्यकता को रेखांकित कर


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