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उत्तर प्रदेश: आनंदीबेन पटेल ने शाहजहांपुर के स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय का किया भ्रमण
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Abhay , Date: 03/11/2026 05:30:02 pm Share:
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  • 03/11/2026 05:30:02 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: शाहजहांपुर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय का भ्रमण किया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: शाहजहांपुर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में वाचनालय और अतिगोपनीय कक्ष का लोकार्पण किया। पुस्तकालय में उपलब्ध दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन करते हुए उनके संरक्षण और पुस्तकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आत्मनिर्भर और आदर्श संस्थान बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह, वित्त अधिकारी अर्चना त्रिपाठी और कुलसचिव वीके मौर्य ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके बाद राज्यपाल ने ब्रह्मलीन स्वामी शुकदेवानंद जी के मंदिर में पूजन-अर्चन कर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कुलपति, वित्त अधिकारी, कुलसचिव और सभी संकायाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक भी की। बैठक में विश्वविद्यालय के संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई।

राज्यपाल ने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय का संचालन पारदर्शिता और स्पष्ट कार्ययोजना के आधार पर किया जाए। प्रवेश परीक्षा सहित सभी प्रशासनिक कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ विद्यार्थियों को उनकी उत्तरपुस्तिकाओं और परीक्षा प्रदर्शन की जानकारी भी दी जाए, ताकि वे अपनी कमियों को समझकर उनमें सुधार कर सकें। कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन की व्यवस्था करने और उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया।

परिसर भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने पुस्तकालय में दुर्लभ पांडुलिपियों को देखा और उनके संरक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने पुस्तकों को डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराने, ई-बुक्स, ई-जर्नल्स और कंप्यूटर सुविधाओं को बेहतर बनाने की बात कही। विज्ञान प्रयोगशालाओं में पहुंचकर उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की और प्रयोगों के संबंध में सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखानी चाहिए। प्रयोगशालाओं को इस तरह विकसित किया जाए, जहां वास्तविक परीक्षण और शोध कार्य किए जा सकें। साथ ही सभी विभागों में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विभागीय पुस्तकालय विकसित करने के निर्देश दिए।

विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना और राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया। छात्राओं ने गुजराती गरबा और कथक नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर कुलपति ने राज्यपाल को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।

अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि स्वतंत्र भारत में प्रत्येक व्यक्ति के लिए शिक्षा बेहद आवश्यक है, लेकिन शिक्षा प्राप्त करने के साथ उसे व्यावहारिक जीवन में अपनाना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों की कक्षाओं में नियमित उपस्थिति पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए। उन्होंने नशामुक्ति अभियान को शिक्षकों और विद्यार्थियों की सामूहिक जिम्मेदारी बताया और कहा कि स्वस्थ भारत का निर्माण नशामुक्त समाज से ही संभव है।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को अंतरिक्ष की ऊंचाइयों और समुद्र की गहराइयों तक पहुंचकर शोध करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वावलंबन बेहद जरूरी है। विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन की तैयारी अभी से शुरू करनी चाहिए और शैक्षणिक गुणवत्ता में लगातार सुधार करते हुए विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध करानी चाहिए। छात्राओं की अधिक उपस्थिति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज छात्राएं मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विषम परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहने और उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की भावना से काम करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इनमें कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह और डॉ. प्रवेंद्र दीक्षित की पुस्तक ‘मार्केटिंग रिसर्च’, डॉ. जेएस ओझा की पुस्तक ‘हिंदू लॉ’ तथा डॉ. जेएस ओझा, डॉ. अनिल कुमार और डॉ. प्रदीप कुमार सिंह की पुस्तक ‘न्यू क्रिमिनल लॉ रेजीम एंड ह्यूमन राइट्स इन इंडिया’ शामिल हैं। अपर मुख्य सचिव सुधीर एम. बोबडे ने भी विद्यार्थियों को डिजिटलाइजेशन के दौर में एआई जैसे नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण

राज्यपाल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। इस दौरान जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह, एनसीसी अधिकारी डॉ. आलोक सिंह और एनसीसी कैडेट मौजूद रहे। भ्रमण के समापन पर राज्यपाल ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती से औपचारिक भेंट की। इसके बाद वह हेलीपैड के लिए रवाना हो गईं।