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उत्तर प्रदेश: 150 साल पुराने जैन मंदिर में नए हॉल निर्माण की हुई शुरुआत

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उत्तर प्रदेश  Published by: Rakesh Kumar Sharma , Date: 18/04/2026 04:11:44 pm Share:
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  • 18/04/2026 04:11:44 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर के अतिशय क्षेत्र छत्ता बारूमल के 150 वर्ष प्राचीन श्री दिगंबर जैन चंद्रप्रभ मंदिर में भव्य हॉल निर्माण का शिलान्यास, राकेश कुमार शर्मा
नगर के प्राचीन क्षेत्र छत्ता बारूमल स्थित 150 वर्ष पुराने अतिशय क्षेत्र श्री दिगंबर जैन चंद्रप्रभ मंदिर के पावन परिसर में भव्य हॉल के निर्माण हेतु बुधवार को विधि-विधान से शिलान्यास संपन्न हुआ।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर के अतिशय क्षेत्र छत्ता बारूमल के 150 वर्ष प्राचीन श्री दिगंबर जैन चंद्रप्रभ मंदिर में भव्य हॉल निर्माण का शिलान्यास, राकेश कुमार शर्मा
नगर के प्राचीन क्षेत्र छत्ता बारूमल स्थित 150 वर्ष पुराने अतिशय क्षेत्र श्री दिगंबर जैन चंद्रप्रभ मंदिर के पावन परिसर में भव्य हॉल के निर्माण हेतु बुधवार को विधि-विधान से शिलान्यास संपन्न हुआ। इस मांगलिक बेला पर श्रद्धालुओं के विशाल समुदाय की उपस्थिति रही।

जैन समाज के अध्यक्ष राजेश कुमार जैन ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह अत्यंत हर्ष एवं पुण्यार्जन का विषय है कि शास्त्रों के अनुसार अतिशय क्षेत्र का स्वरूप प्राप्त कर चुके इस प्राचीन जिनालय में हॉल निर्माण का शुभारंभ हो रहा है। भविष्य में यह हॉल असंख्य भव्य जीवों के सम्यकदर्शन, स्वाध्याय, जाप, सामायिक, भक्ति एवं पूजा-अर्चना में निमित्त बनेगा और आत्म-कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पूर्ण करने की प्रेरणा दी।

समाज के संरक्षक एवं पूर्व महानगर भाजपा अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि प्राचीन जिन मंदिरों का जीर्णोद्धार नवीन मंदिर निर्माण से भी अधिक पुण्यदायी माना गया है। प्राचीन धरोहर की रक्षा हमारा परम कर्तव्य है। प्राचीन मंदिर प्राय: अतिशय क्षेत्र होते हैं जहाँ की ऊर्जा और पवित्रता अतुलनीय है।

अनिल जैन ने अपने संबोधन में कहा कि प्राचीन शास्त्रों के अनुसार जीर्ण-शीर्ण जिनबिंब या जिनालय का उद्धार करने से प्राचीन वास्तुशिल्प और कला का सम्मान होता है। उन्होंने बताया कि प्राचीन मंदिर में दीर्घकाल से लाखों श्रावक-श्राविकाओं द्वारा की गई पूजा-अर्चना और भक्ति से पुण्य वर्गणाएं संग्रहित होकर ऊर्जा का शक्तिशाली केंद्र बन जाती हैं, जिससे कर्मों की निर्जरा सहज होती है। ये मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला, सूक्ष्म नक्काशी, शांति और साधना के कारण अपूर्व केंद्र होते हैं।

शिल्पी जैन  ने कहा कि 150 वर्ष पुराने इस अतिशय क्षेत्र में हॉल का निर्माण न केवल समाज के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए धर्म-संस्कारों को सहेजने का सशक्त माध्यम भी बनेगा। संजीव जैन बब्बू सर्राफ ने कहा कि यह हॉल धार्मिक आयोजनों, पाठशाला और आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से जैन धर्म की प्रभावना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने समस्त समाज से तन-मन-धन से सहयोग की अपील की।

महामंत्री संजीव जैन ने भी पुराने मंदिरों के जीर्णोद्धार को महापुण्य का कार्य बताया। जैन समाज सहारनपुर के उपमंत्री एवं निर्माण संयोजक अविनाश जैन नाटी ने सभी अतिथियों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया। इस पावन अवसर पर डी.के.जैन एडवोकेट, चौधरी अनुज जैन, संजीव जैन बब्बू, राजीव जैन सर्राफ, मनीष जैन गोटे वाले, अवनीश जैन, वैभव जैन, अरुण जैन, सुमित जैन, मानसिंह पूर्व पार्षद, नीरज जैन, चक्रेश जैन, जैन मिलन के महामंत्री अजय जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष राजीव जैन नानौता वाले, अनुज जैन पार्षद, दीपक जैन एडवोकेट, विशाल जैन तारवाले, पवन जैन, प्रदीप जैन, अनुज जैन , मनोज जैन भरत विहार वाले , अर्चित जैन ,राजीव जैन अरिहंत सहित सैकड़ों श्रावक-श्राविका

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सहारनपुर के अतिशय क्षेत्र छत्ता बारूमल के 150 वर्ष प्राचीन श्री दिगंबर जैन चंद्रप्रभ मंदिर में भव्य हॉल निर्माण का शिलान्यास, राकेश कुमार शर्मा
नगर के प्राचीन क्षेत्र छत्ता बारूमल स्थित 150 वर्ष पुराने अतिशय क्षेत्र श्री दिगंबर जैन चंद्रप्रभ मंदिर के पावन परिसर में भव्य हॉल के निर्माण हेतु बुधवार को विधि-विधान से शिलान्यास संपन्न हुआ। इस मांगलिक बेला पर श्रद्धालुओं के विशाल समुदाय की उपस्थिति रही।

जैन समाज के अध्यक्ष राजेश कुमार जैन ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह अत्यंत हर्ष एवं पुण्यार्जन का विषय है कि शास्त्रों के अनुसार अतिशय क्षेत्र का स्वरूप प्राप्त कर चुके इस प्राचीन जिनालय में हॉल निर्माण का शुभारंभ हो रहा है। भविष्य में यह हॉल असंख्य भव्य जीवों के सम्यकदर्शन, स्वाध्याय, जाप, सामायिक, भक्ति एवं पूजा-अर्चना में निमित्त बनेगा और आत्म-कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पूर्ण करने की प्रेरणा दी।

समाज के संरक्षक एवं पूर्व महानगर भाजपा अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि प्राचीन जिन मंदिरों का जीर्णोद्धार नवीन मंदिर निर्माण से भी अधिक पुण्यदायी माना गया है। प्राचीन धरोहर की रक्षा हमारा परम कर्तव्य है। प्राचीन मंदिर प्राय: अतिशय क्षेत्र होते हैं जहाँ की ऊर्जा और पवित्रता अतुलनीय है।

अनिल जैन ने अपने संबोधन में कहा कि प्राचीन शास्त्रों के अनुसार जीर्ण-शीर्ण जिनबिंब या जिनालय का उद्धार करने से प्राचीन वास्तुशिल्प और कला का सम्मान होता है। उन्होंने बताया कि प्राचीन मंदिर में दीर्घकाल से लाखों श्रावक-श्राविकाओं द्वारा की गई पूजा-अर्चना और भक्ति से पुण्य वर्गणाएं संग्रहित होकर ऊर्जा का शक्तिशाली केंद्र बन जाती हैं, जिससे कर्मों की निर्जरा सहज होती है। ये मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला, सूक्ष्म नक्काशी, शांति और साधना के कारण अपूर्व केंद्र होते हैं।

शिल्पी जैन  ने कहा कि 150 वर्ष पुराने इस अतिशय क्षेत्र में हॉल का निर्माण न केवल समाज के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए धर्म-संस्कारों को सहेजने का सशक्त माध्यम भी बनेगा। संजीव जैन बब्बू सर्राफ ने कहा कि यह हॉल धार्मिक आयोजनों, पाठशाला और आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से जैन धर्म की प्रभावना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने समस्त समाज से तन-मन-धन से सहयोग की अपील की।

महामंत्री संजीव जैन ने भी पुराने मंदिरों के जीर्णोद्धार को महापुण्य का कार्य बताया। जैन समाज सहारनपुर के उपमंत्री एवं निर्माण संयोजक अविनाश जैन नाटी ने सभी अतिथियों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया। इस पावन अवसर पर डी.के.जैन एडवोकेट, चौधरी अनुज जैन, संजीव जैन बब्बू, राजीव जैन सर्राफ, मनीष जैन गोटे वाले, अवनीश जैन, वैभव जैन, अरुण जैन, सुमित जैन, मानसिंह पूर्व पार्षद, नीरज जैन, चक्रेश जैन, जैन मिलन के महामंत्री अजय जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष राजीव जैन नानौता वाले, अनुज जैन पार्षद, दीपक जैन एडवोकेट, विशाल जैन तारवाले, पवन जैन, प्रदीप जैन, अनुज जैन , मनोज जैन भरत विहार वाले , अर्चित जैन ,राजीव जैन अरिहंत सहित सैकड़ों श्रावक-श्राविका