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Delhi Missing People Update: दिल्ली में लापता लोगों के नहीं मिल रहे सुराग, पुलिस पर उठे कई सवाल 

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दिल्ली  Published by: Yasoda , Date: 12/02/2026 11:12:29 am Share:
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  • 12/02/2026 11:12:29 am
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संक्षेप

दिल्ली: दिल्ली में हाल के वर्षों में बच्चों की गुमशुदगी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

विस्तार

दिल्ली: दिल्ली में हाल के वर्षों में बच्चों की गुमशुदगी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेष रूप से बुराड़ी, द्वारका और अन्य आसपास के इलाकों में कई मासूम बच्चे अचानक लापता हो रहे हैं। यह स्थिति न केवल परिवारों के लिए चिंता का कारण बन रही है, बल्कि पूरे शहर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की गंभीर चुनौती भी पेश कर रही है। पुलिस और सामाजिक संगठनों की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतर मामलों में बच्चे स्कूल से लौटते समय या घर के आसपास खेलते समय गायब हो जाते हैं। कुछ मामलों में बच्चे कुछ घंटों के भीतर मिल जाते हैं, जबकि कई बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलता। अब तक में दिल्ली से 800 से भी ज्यादा लोग गायब हो गए है, जिसमें से 1%लोग मिल पाए है। दिल्ली के कई इलाकों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमे एक महिला और आदमी एक मासूम को बाइक से लेकर भागते नजर आ रहे थे। लेकिन माँ की सूज-भुज ने बच्चे को बच्चा लिया। माँ ने आरोपियों का पीछा किया और पुलिस को इसकी जानकरी दी। इस बढ़ती गुमशुदगी ने माता-पिता और स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की इस तरह की लापता होने की घटनाओं के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें अपहरण, बाल व्यापार, परिवार या परिचितों के द्वारा कराई जाने वाली हिंसा, और बच्चों का खुद अपने इरादों से घर छोड़ देना शामिल हैं। कुछ अपराधी इस समस्या का फायदा उठाकर बच्चों को गलत उद्देश्यों के लिए अपने कब्जे में ले लेते हैं।

 

पुलिस की ओर से बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं और लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। माता-पिता को सलाह दी जा रही है कि वे अपने बच्चों पर निगरानी रखें, उन्हें अनजान लोगों से बात न करने के लिए समझाएँ और स्कूल या खेलने के समय की जानकारी साझा करें। इसके साथ ही, सीसीटीवी कैमरों और पड़ोसियों के सहयोग से बच्चों की सुरक्षा को बढ़ाया जा सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता भी इस मुद्दे पर चिंता जता रहे हैं और यह सुझाव दे रहे हैं कि बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और सुरक्षा उपायों को स्कूलों और मोहल्लों में बढ़ाया जाए। बच्चों को अपहरण और अनजाने लोगों के खतरे के प्रति सजग करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, पुलिस और समाज को मिलकर बच्चों की सुरक्षा के लिए व्यापक कदम उठाने होंगे।