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उत्तर प्रदेश: 4 साल से बंद सामुदायिक शौचालय पर भड़का लोगों का गुस्सा

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उत्तर प्रदेश  Published by: Kaushik Tiwari , Date: 20/07/2026 02:54:55 pm Share:
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  • 20/07/2026 02:54:55 pm
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उत्तर प्रदेश: करीब चार वर्षों से बंद पड़े सामुदायिक शौचालय को लेकर नगरवासियों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और बंद पड़े शौचालय को तत्काल शुरू कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शौचालय पर अवैध कब्जा कर उसे आवास के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि वहां से किराया वसूले जाने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधा पर कब्जा होने के बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि सामुदायिक शौचालय बंद होने से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है। मजबूरी में लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है, जिससे न केवल असुविधा हो रही है बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी पैदा हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार स्वच्छता अभियान और खुले में शौच मुक्त भारत की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर आवश्यक सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हैं।

नगरवासियों ने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित अधिकारियों और प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। लोगों ने मांग की कि सामुदायिक शौचालय से तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए, उसकी मरम्मत कर उसे आम जनता के उपयोग के लिए फिर से खोला जाए।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि यदि किसी ने सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा किया है या उसका निजी लाभ के लिए उपयोग किया है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से गलत संदेश जाता है और अन्य लोग भी ऐसे मामलों को बढ़ावा देने लगते हैं।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शौचालय को चालू कराने, अतिक्रमण हटाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन भी किया जाएगा। नगरवासियों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करेगा, ताकि लोगों को मूलभूत सार्वजनिक सुविधा का लाभ दोबारा मिल सके।