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मध्य प्रदेश: अवैध अंग्रेजी शराब पैकारी का कारोबार हुआ तेज, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल

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मध्य प्रदेश  Published by: Durgesh Kumar Gupta , Date: 16/05/2026 03:53:32 pm Share:
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  • 16/05/2026 03:53:32 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में इन दिनों अवैध अंग्रेजी शराब की पैकारी का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में इन दिनों अवैध अंग्रेजी शराब की पैकारी का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। गांवों, कस्बों और मुख्य मार्गों के आसपास खुलेआम अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब माफिया नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी डर के अवैध शराब की सप्लाई कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के कई गांवों में देर शाम से लेकर रात तक अंग्रेजी शराब की अवैध बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। कुछ स्थानों पर किराना दुकानों, ढाबों और गुप्त ठिकानों से शराब बेची जा रही है। आरोप है कि अधिकृत शराब दुकानों से शराब खरीदकर गांवों में ऊंचे दामों पर सप्लाई की जा रही है, जिससे अवैध कमाई का बड़ा नेटवर्क तैयार हो चुका है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गांव-गांव आसानी से शराब की खेप पहुंच रही है, जिससे युवाओं और मजदूर वर्ग पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। इससे शराब कारोबारियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अवैध पैकारी के कारण शासन को राजस्व की भारी हानि हो रही है। बिना अनुमति शराब का भंडारण और बिक्री न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में सामाजिक वातावरण और अधिक खराब हो सकता है।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। लोगों ने मांग की है कि गांवों में हो रही अवैध शराब बिक्री की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और इस धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन इस बढ़ते अवैध शराब कारोबार पर कब तक प्रभावी अंकुश लगा पाएगा। फिलहाल क्षेत्र में जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली और कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है।


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