-
☰
उत्तर प्रदेश: 317 जोड़े बंधे विवाह बंधन में, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना बनी गरीब परिवारों का सहारा
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज महुवरिया, मीरजापुर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज महुवरिया, मीरजापुर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। मेगा इवेंट के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकास खंडों एवं नगर निकायों से आए कुल 317 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। पूरे आयोजन में उत्साह, उल्लास और सामाजिक समरसता का अद्भुत माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान विधायक छानबे रिंकी कोल, जिलाध्यक्ष अपना दल एस इंजीनियर रामलौटन बिंद, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, परियोजना निदेशक धर्मजीत सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी रामविलास यादव सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अनुसूचित जाति के 216, अन्य पिछड़ा वर्ग के 97, सामान्य वर्ग के 2 तथा अल्पसंख्यक वर्ग के 2 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। विवाह समारोह में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले बेटियों की शादी गरीब परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय होती थी, लेकिन अब सरकार स्वयं उनकी जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण है। महिलाओं की भागीदारी राज्य की विधानसभाओं और देश की संसद में बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संकल्प अवश्य पूरा होगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के तहत प्रति जोड़े 1 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें से 60 हजार रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाएंगे। इसके अलावा 25 हजार रुपये की गृहस्थी सामग्री जैसे कपड़े, चांदी की पायल, बिछिया, स्टील डिनर सेट एवं अन्य आवश्यक सामान प्रदान किए गए। वहीं भोजन, पंडाल, पेयजल, विद्युत एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए 15 हजार रुपये प्रति शादी खर्च किए गए। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन परिवारों को अभी तक इस योजना की जानकारी नहीं है, उन्हें जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सकें। कार्यक्रम में प्रदेश सचिव सहकारिता मंच राजेंद्र पटेल, रामवृक्ष बिंद, शंकर सिंह चौहान, संतोष विश्वकर्मा, कुलदीप पटेल, विमलेश भारती, नमिता केसरवानी, राजेश मौर्य, विकास मौर्य, आरिफ अली मंसूरी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं नवदंपतियों के परिजन मौजूद रहे।
गुजरात: 20 नवयुगल बंधे सामूहिक विवाह बंधन में, आदिवासी परंपरा संग सामाजिक एकता का दिखा उत्साह
राजस्थान: बेटी मयूरी रावल का हुआ सम्मान, कर्म रत्न श्री अवार्ड से बढ़ाया जिले का मान
राजस्थान: गोसाईं आशादीप फाउंडेशन की नई टीम का हुआ गठन, समाजसेवा और जनहित के लिए भरी हुंकार
उत्तर प्रदेश: 250 बच्चों का हुआ दंत परीक्षण, आईडीए का जागरूकता अभियान जारी
हरियाणा: ड्रोन सिटी का आगाज़, तकनीकी क्रांति और युवाओं के रोजगार को मिलेगी नई उड़ान