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राजस्थान: टूटी सड़कें, गंदे नाले और आवारा पशुओं पर फूटा गुस्सा, 15 दिन में समाधान की करी मांग
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: टोक शहर के मुख्य मार्ग काफला बाजार के बड़े दरवाज़े से लेकर शहर के प्रवेश द्वार देवली रोड, सवाई माधोपुर रोड़, मोतीबाग चौराहे, छावनी सर्किल तक रोड़ की मरम्मत कराई जाना अतिआवश्यक है क्योकि प्रतिदिन उक्त स्थानों पर दुर्घटनाये हो रही हैं जो नगर परिषद टोक के क्षेत्रााधिकार में मुख्य मार्ग आते है।
विस्तार
राजस्थान: टोक शहर के मुख्य मार्ग काफला बाजार के बड़े दरवाज़े से लेकर शहर के प्रवेश द्वार देवली रोड, सवाई माधोपुर रोड़, मोतीबाग चौराहे, छावनी सर्किल तक रोड़ की मरम्मत कराई जाना अतिआवश्यक है क्योकि प्रतिदिन उक्त स्थानों पर दुर्घटनाये हो रही हैं जो नगर परिषद टोक के क्षेत्रााधिकार में मुख्य मार्ग आते है। कई बार आपके कर्मचारी भी इन जगाहो पर अतिक्रमण हटाने जाते है तो उनको इस बात पर तो ध्यान नहीं देते और गरीब लोगो को बेरोजगार करने के लिए बुलडोजर चलाने में तत्पर्ता दिखाते है। शहर की पहचान हमारे ऐतिहासिक तालाबों से है, लेकिन आज इन तालाबों की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। नगर परिषद की लापरवाही के कारण तालाबों में गंदगी, कचरा और गंदा मलवा जमा हो गया है, जिससे आस-पास के क्षेत्र में बदबू फैल रही है। इन गंदे नालो-तालाबों में मच्छर, मक्खी और अन्य हानिकारक जीव पैदा हो रहे हैं, जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। बरसात और गर्मी के मौसम में बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। नगर परिषद टोंक को चाहिए कि शहर के सभी नालो तालाबों की तुरंत साफ-सफाई करवाई जाए, गंदे मलवे को हटाया जाए और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि शहर की सुंदरता और आमजन का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। तालाब केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि शहर की विरासत और पर्यावरण की पहचान हैं इन्हें बचाना हम सभी नगारिको की जिम्मेदारी है। शहर सीवरेज समस्या से गंभीर रूप से जूझ रहा है। कई क्षेत्रों में सीवर लाइनें जाम पड़ी हैं, गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह फैली गंदगी और बदबू के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। सीवरेज की सही व्यवस्था नहीं होने से मच्छर और बीमारियों तेजी से फैलने का खतरा बढ़ रहा है। बरसात के समय स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब गलियां और सड़कें गंदे पानी से भर जाती हैं। यह समस्या केवल असुविधा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। नगर परिषद और संबंधित विभागों को चाहिए कि शहर की सीवर व्यवस्था का स्थायी समाधान निकाला जाए, जाम लाइनें तुरंत साफ करवाई जाएं और नई तकनीक के साथ मजबूत ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए। एक स्वच्छ और व्यवस्थित टोक के लिए सीवरेज समस्या का समाधान अब बेहद जरूरी हो चुका है। शहर में लगातार बढ़ती लावारिस पशुओं और आवारा कुत्तों की समस्या अब आमजन की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। शहर की सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में बड़ी संख्या में आवारा पशु घूमते दिखाई देते हैं, जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर अक्सर इनका शिकार हो रहे हैं। कई क्षेत्रों में लोगों का रात के समय बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। यह समस्या केवल डर का माहौल नहीं बना रही, बल्कि जनसुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। नगर परिषद और प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देते हुए लावारिस पशुओं के उचित प्रबंधन और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी अभियान चलाना चाहिए। साथ ही पशु आश्रय की व्यवस्था और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी मजबूत की जानी चाहिए, ताकि आमजन को सुरक्षित वातावरण मिल सके। एक जिम्मेदार और सुरक्षित शहर के लिए इस समस्या का समाधान अब बेहद आवश्यक हो गया है कि हमारे द्वारा 4 चारण लिखित रूप में लिखाये गये है जो टॉक शहर के मुख्य बाजार की सड़के, नाले तालाब, सिवरेज लाईन, व लावारिस पशुओ इत्यादि से सम्बधित है जिसका अविलम्ब संज्ञान लेकर इन समस्याओं का समाधान किया जाना अति आवश्यक है । टोक नगर परिषद इन चरणों को गम्भीरता से लेते हुए अपना अभियान चलाकर टोक के नागरिकों को राहत प्रदान करेगी यदि 15 दिवस के भीतर भीतर आपके द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया तो टोक के आमजन नगर परिषद का घेराव करेगे व धरना प्रर्दशन करेगे।
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