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राजस्थान: प्राकृतिक खेती कार्यशाला में किसानों को जैविक कृषि अपनाने का दिया संदेश
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संक्षेप
राजस्थान: कोटपूतली जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा किसानों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, मृदा संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय एक दिवसीय प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला का आयोजन गुरूवार को यहां के राजकीय सरदार उच्च माध्यमिक विधालय के सभागार में किया गया।
विस्तार
राजस्थान: कोटपूतली जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा किसानों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, मृदा संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय एक दिवसीय प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला का आयोजन गुरूवार को यहां के राजकीय सरदार उच्च माध्यमिक विधालय के सभागार में किया गया। कार्यशाला में जिले भर से आये प्रगतिशील किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, पद्धतियों एवं लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है। प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाकर किसान खेती की लागत को कम करने के साथ-साथ भूमि की उर्वराशक्ति को भी बनाए रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य का आधार है। सांसद सिंह ने किसानों से आह्वान किया कि वे रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हों। उन्होंने कहा कि जैविक खेती से पर्यावरण एवं मृदा स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है। कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती की आवश्यकता, महत्व, तकनीकी पहलुओं तथा अपनाई जाने वाली विभिन्न विधियों के बारे में जानकारी प्रदान की। प्रगतिशील किसान कैलाश चौधरी एवं नितेश यादव ने प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव साझा करते हुए किसानों को इसके व्यावहारिक लाभ एवं खेती की तकनीकों से अवगत कराया। इस अवसर पर कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई। कार्यशाला में रासायनिक खादों एवं यूरिया के अधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करते हुए किसानों से जैविक खेती अपनाने की अपील की गई। साथ ही जैविक उत्पादों एवं मिलेट्स की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यशाला में जिले के प्रगतिशील किसानों, कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों सहित लगभग 400 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला के समापन सत्र में संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) महेंद्र कुमार जैन ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान भाजपा जयपुर देहात उत्तर जिलाध्यक्ष सुरेश बादलीवाल, महामंत्री एड. सुरेन्द्र चौधरी, जिला उपाध्यक्ष जयराम सिंह गुर्जर, वरिष्ठ भाजपा नेता शंकर लाल कसाना, भाजपा नेता यादराम जांगल व सुभाष घोघड़, पूर्व चैयरमैन एड. महेंद्र सैनी, मण्डल अध्यक्ष एड. रमेश रावत व अरुण सैनी, अलवर उत्तर जिलाध्यक्ष महासिंह चौधरी समेत एसडीएम योगेश सिंह देवल, एसीईओ जिला परिषद जगदीश कुमार, उप निदेशक उद्यान लीलाराम जाट, सहायक निदेशक कृषि बहरोड़़ रामजीलाल यादव, डॉ. सुशील कुमार शर्मा सहित कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन कुलदीप द्वारा किया गया।
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