Contact for Advertisement 9919916171


उत्तराखंड: किसान कुंभ में राकेश टिकैत बोले— भूमि अधिग्रहण किसानों के लिए सबसे बड़ा संकट

- Photo by : social media

उत्तराखंड  Published by: Ghanshyam Das , Date: 19/06/2026 01:58:28 pm Share:
  • उत्तराखंड
  • Published by: Ghanshyam Das ,
  • Date:
  • 19/06/2026 01:58:28 pm
Share:

संक्षेप

उत्तराखंड: हरिद्वार भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय चिंतन शिविर (किसान कुंभ) के तृतीय दिवस राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने देशभर में बढ़ती भूमि अधिग्रहण की समस्या को किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया।

विस्तार

उत्तराखंड: हरिद्वार भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय चिंतन शिविर (किसान कुंभ) के तृतीय दिवस राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने देशभर में बढ़ती भूमि अधिग्रहण की समस्या को किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि आज विभिन्न राज्यों में किसानों की कृषि भूमि का तेजी से अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे खेती और किसान दोनों संकट में हैं। उन्होंने कहा कि “किसान रात के अंधेरे में अपनी जमीन बेच सकता है, लेकिन फसल नहीं बेच सकता”, यह स्थिति देश की कृषि व्यवस्था और किसान हितों के लिए गंभीर चिंता का विषय है साथ ही भारतीय किसान यूनियन के शिक्षक प्रकोष्ठ के द्वारा लिखी गई पुस्तक कलम की फसल का विमोचन सभी शिक्षकों के साथ में किया गया। आज राष्ट्रीय चिंतन शिविर के तीनों सत्रों में संगठनात्मक, सामाजिक एवं कृषि संबंधी विषयों पर व्यापक समीक्षा की गई। साथ ही आगामी कार्यक्रमों एवं आंदोलनों की रूपरेखा पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

 

बैठक में देशभर के विभिन्न राज्यों में किसान पंचायतों के आयोजन का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर उपस्थित पदाधिकारियों ने अपने सुझाव दिए। किसानों की समस्याओं को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पंचायत अभियान चलाने पर सहमति बनी। कार्यक्रम का संचालन भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव श्री घनश्याम वर्मा ने किया, जबकि अध्यक्षता बलराम सिंह लंबरदार ने की। शिविर में विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों एवं किसान नेताओं ने भाग लेते हुए अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी साझा की। बैठक में मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल यादव, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजपाल शर्मा, उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रेम सिंह सैता, जम्मू-कश्मीर से श्री विनोद कोतवाल, महाराष्ट्र से श्री चंद्रशेखर पाटिल एवं श्रीमती रूपाली पाटिल सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं किसान नेता उपस्थित रहे। भारतीय किसान यूनियन के इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर में किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों, भूमि अधिग्रहण, कृषि संकट, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा संगठन के भविष्य के कार्यक्रमों पर गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प दोहराना तथा देशभर के किसानों को संगठित करने का आह्वान किया।