Contact for Advertisement 9919916171


राजस्थान: साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का हुआ पर्दाफाश, दो अंतरराज्यीय ठगों की हुई गिरफ्तार

- Photo by : social media

राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 27/05/2026 03:47:28 pm Share:
  • राजस्थान
  • Published by: Shahihurehman ,
  • Date:
  • 27/05/2026 03:47:28 pm
Share:

संक्षेप

राजस्थान: राजस्थान के टोंक जिले में पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है।

विस्तार

राजस्थान: राजस्थान के टोंक जिले में पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस की डीएसटी टीम, सदर थाना पुलिस और साइबर सेल द्वारा संयुक्त रूप से की गई। पुलिस ने जयपुर-कोटा नेशनल हाईवे-52 स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दौसा जिले के दौसाड़ा निवासी कुलदीप मीणा और सवाई माधोपुर जिले के रजमाणा निवासी दिलखुश गुर्जर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हाल ही में ठगी की रकम से खरीदी गई दो लग्जरी थार गाड़ियां, 4 मोबाइल फोन, 68 फर्जी सिम कार्ड तथा 10,020 रुपये नकद बरामद किए हैं।

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर देशभर से कुल 6 लाख 19 हजार 101 शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों के माध्यम से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को फर्जी ट्रेडिंग लिंक और बारकोड भेजते थे। इसके बाद घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। जब कोई व्यक्ति इनकी बातों में आ जाता, तो उससे अलग-अलग फर्जी बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे। साइबर सेल की जांच में सामने आया कि पुलिस और एजेंसियों से बचने के लिए आरोपी लगातार फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे। इनमें कुलदीप द्वारा 60 और दिलखुश द्वारा 8 सिम कार्ड उपयोग में लिए गए।

मुख्य आरोपी कुलदीप मीणा पिछले चार से पांच वर्षों से ऑनलाइन ठगी के इस धंधे में सक्रिय था। पुलिस के अनुसार उसने साइबर ठगी से करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक की अवैध कमाई की और उसी पैसे से लग्जरी जीवनशैली अपना ली। हाल ही में उसने 14 लाख रुपये नकद जमा कराकर नई थार गाड़ी खरीदी थी। टोंक पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी है।