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राजस्थान: 46 डिग्री तापमान में भी किसानों का आंदोलन रहा जारी, कलश यात्रा में उमड़ी  भक्तों की भरी भीड़

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 27/05/2026 03:11:58 pm Share:
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  • 27/05/2026 03:11:58 pm
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संक्षेप

राजस्थान: टोंक क्षेत्र में जयपुर नहर परियोजना की मांग को लेकर किसानों ने अब बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

विस्तार

राजस्थान: टोंक क्षेत्र में जयपुर नहर परियोजना की मांग को लेकर किसानों ने अब बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पांच दिवसीय “जल यात्रा” के माध्यम से किसानों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का संकल्प लिया। यह यात्रा ग्राम पहाड़ी पंचायत मुख्यालय स्थित तेजाजी मंदिर से शुरू होकर माता जी मंदिर तक निकाली गई, जहां बाद में सभा का आयोजन हुआ। भीषण गर्मी और 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद ग्रामीणों का उत्साह कम नहीं हुआ। महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर भजन-कीर्तन और नृत्य के साथ यात्रा में भाग लिया। लगभग दो घंटे तक गांव की परिक्रमा करने वाली इस यात्रा में करीब 300 घरों के लोगों ने भागीदारी निभाई। यात्रा मार्ग पर ग्रामीणों ने जगह-जगह ठंडे पानी की व्यवस्था कर यात्रियों का स्वागत किया।

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि “खेत को पानी, फसल को दाम और युवाओं को काम” ही देश की समृद्धि का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि किसान की समृद्धि से ही देश मजबूत होगा। उन्होंने सरकार की जल नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि निवाई तहसील से बीसलपुर और ईसरदा का पानी अन्य क्षेत्रों तक पहुंच रहा है, लेकिन स्थानीय किसान आज भी सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर हैं। रामपाल जाट ने कहा कि यह विडंबना है कि पानी के स्रोतों के नजदीक बसे गांव ही पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जयपुर नहर परियोजना का प्रस्ताव जल्द सरकार को भेजा जाए ताकि क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।

सभा में जल यात्रा संयोजक दशरथ सिंह चौहान, ग्राम संयोजक राजाराम, युवा प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी सहित कई किसान नेताओं को यात्रा के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोतास बोहरा, राष्ट्रीय महासचिव अकबर खान, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा सहित विभिन्न जिलों से आए किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे। यात्रा के पहले दिन पहाड़ी, खंडवा, अभ्यपुरा, पराना, नटवाड़ा, सिरस, बस्सी और खोडा खेड़ा सहित कई गांवों में सभाएं आयोजित की गईं। किसान नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।