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उत्तर प्रदेश: फिरौती के लिए रची अपहरण की साजिश, विरोध करने पर मासूम की गला दबाकर हत्या
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गोरखपुर खजनी क्षेत्र के सराफा कारोबारी के 10 वर्षीय पोते वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गोरखपुर खजनी क्षेत्र के सराफा कारोबारी के 10 वर्षीय पोते वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट ने करीब 25 लाख रुपये के कर्ज के दबाव में बच्चे के अपहरण और फिरौती की साजिश रची थी। योजना के तहत आरोपी बच्चे को अपने साथ ले जाना चाहता था, लेकिन विरोध और शोर मचाने पर उसने कथित तौर पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फिरौती वसूलने के लिए कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने इंटरनेट के जरिए कंबोडिया का एक वर्चुअल मोबाइल नंबर खरीदा और उससे व्हाट्सऐप अकाउंट बनाया। इसी माध्यम से सराफा कारोबारी को संदेश भेजकर एक करोड़ रुपये से अधिक की फिरौती मांगने की योजना थी। कर्ज की किश्त नहीं चुका पा रहा था आरोपी पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक वित्तीय संस्था से करीब 25 लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसकी मासिक किश्त करीब 28,700 रुपये थी। किश्त जमा नहीं कर पाने के कारण उस पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। इसके अलावा उसने एक दोस्त से भी करीब 11 लाख रुपये उधार ले रखे थे। करीब 36 लाख रुपये के कर्ज के दबाव में उसने वैभव के अपहरण की साजिश रची। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश की। लेकिन बच्चे के शोर मचाने पर आरोपी ने उसे जमीन पर गिरा दिया और गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को अपने घर के बेसमेंट में छिपा दिया गया। वैभव के लापता होने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान बच्चे की साइकिल लावारिस हालत में मिली। पुलिस जांच आगे बढ़ी तो आरोपी तक पहुंची और उसके मोबाइल से कई अहम सुराग मिले। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे बच्चे का शव बरामद होने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए आरोपी से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने इंटरनेट के माध्यम से फिरौती मांगने के तौर-तरीकों और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारी जुटाई थी। आरोपी का घर सील, सात लोग हिरासत में घटना के बाद आक्रोशित लोगों की भीड़ थाने पहुंच गई और आरोपी को बाहर निकालने की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। मामले में आरोपी युवक, उसके भाई, पिता हरिनारायण शर्मा, भाभी, पत्नी, बच्चे और एक सहयोगी समेत सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के घर को भी सील कर दिया है। वहीं, जिला पंचायत कार्यालय की ओर से आरोपी के निर्माणाधीन भवन पर नोटिस चस्पा किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।