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उत्तराखंड: ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री पर पुलिस हुई सख्त, 9 मामलों में दर्ज किए मुकदमे

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उत्तराखंड  Published by: Ghanshyam Das , Date: 20/07/2026 02:04:00 pm Share:
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  • 20/07/2026 02:04:00 pm
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विस्तार

उत्तराखंड: पौड़ी गढ़वाल में डिजिटल युग में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर पौड़ी पुलिस ने लोगों को जागरूक करते हुए बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जानकारी दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट के माध्यम से बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री को देखना, डाउनलोड करना, संग्रहित करना या किसी भी माध्यम से साझा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें और सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। पुलिस के अनुसार बच्चों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के खिलाफ किसी भी प्रकार का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पौड़ी पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। तकनीकी माध्यमों से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है और जानकारी मिलने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाती है। पुलिस के अनुसार जिले में CSAM से जुड़े अब तक कुल 9 अभियोग दर्ज किए गए हैं। इनमें थाना थलीसैंण में 2, थाना पैठाणी में 1, कोतवाली कोटद्वार में 1, महिला थाना श्रीनगर में 2, थाना सतपुली में 1, लैंसडाउन में 1 और पौड़ी थाने में 1 मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल पुलिस या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में जानकारी दें और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर सकारात्मक निगरानी रखें। पौड़ी पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, मैसेज या आपत्तिजनक सामग्री से सावधान रहें। यदि ऐसी कोई सामग्री दिखाई देती है तो उसे आगे साझा न करें, बल्कि तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को इसकी सूचना दें।पुलिस ने यह भी अपील की कि बच्चे यदि ऑनलाइन किसी असहज स्थिति का सामना करते हैं तो वे बिना डर के अपने माता-पिता या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें। जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से ही बच्चों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखा जा सकता है। पौड़ी पुलिस ने दोहराया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऑनलाइन अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।