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झारखण्ड: जनकल्याण योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, पलामू उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

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झारखण्ड  Published by: Arun Kumar Ravi , Date: 29/07/2026 12:13:45 pm Share:
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  • 29/07/2026 12:13:45 pm
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संक्षेप

झारखण्ड: पलामू समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में सोमवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

विस्तार

झारखण्ड: पलामू समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में सोमवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे, इसके लिए सभी पदाधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास, पोषण अभियान, आंगनबाड़ी सेवाओं तथा विभाग की अन्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभुकों का एफआरएस सत्यापन शीघ्र पूरा करने, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का शत-प्रतिशत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप लाभुकों की प्रविष्टि करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन केंद्रों में अब तक शून्य प्रविष्टि है, वहां विशेष अभियान चलाकर एक सप्ताह के भीतर लक्ष्य पूरा किया जाए। उपायुक्त ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को 15 दिनों के भीतर रिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका एवं सहायिका का चयन पारदर्शी तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही जिन महिला पर्यवेक्षिकाओं का पोषण ट्रैकर में प्रदर्शन निर्धारित लक्ष्य से कम पाया जाएगा, उनका वेतन रोकने का निर्देश भी दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।


बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें, समर ऐप में कुपोषित बच्चों का समय पर डेटा दर्ज करें तथा विभाग की सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी एवं सुगम तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने प्रत्येक माह आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सहायक समाहर्ता श्रीमती नीता चौहान, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी तथा जिले की महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित रहीं।


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