Contact for Advertisement 9919916171


छत्तीसगढ़: विश्वकर्मा पूजा के नाम पर वेतन से 500 रुपये कटौती का किया विरोध, श्रमिक संगठन ने प्रबंधन को दी आंदोलन की चेतावनी

- Photo by : social media

छत्तीसगढ़  Published by: Arasad Ali , Date: 01/09/2026 10:57:47 am Share:
  • छत्तीसगढ़
  • Published by: Arasad Ali ,
  • Date:
  • 01/09/2026 10:57:47 am
Share:

विस्तार

छत्तीसगढ़: कोरबा एसईसीएल दीपका प्रबंधन द्वारा विश्वकर्मा पूजा के नाम पर मजदूरों के वेतन से प्रति कर्मचारी 500 रुपये की कटौती किए जाने का मामला सामने आया है। कोयला मजदूर पंचायत (HMS) ने इस कटौती को गैरकानूनी बताते हुए इसका विरोध किया है। संगठन ने कटौती तत्काल बंद नहीं होने पर 14 दिन बाद आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। कोयला मजदूर पंचायत (HMS) के पदाधिकारियों के अनुसार दीपका के स्टाफ ऑफिसर (एचआर) की ओर से पत्र क्रमांक 1166, दिनांक 19 अगस्त 2026 जारी कर कर्मचारियों के वेतन से 500 रुपये काटने संबंधी सूचना दी गई है। संगठन का कहना है कि विश्वकर्मा पूजा पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाई जानी चाहिए तथा इसमें सभी श्रमिक संगठनों की भागीदारी भी होनी चाहिए, लेकिन मजदूरों के वेतन से इस तरह राशि काटना उचित नहीं है।संगठन ने वेतन संहिता 2019 की धारा 18 का हवाला देते हुए कहा कि किसी जेसीसी या श्रमिक संगठन के कहने मात्र से कर्मचारियों के वेतन से इस प्रकार की कटौती करने का प्रावधान नहीं है। 

संगठन ने प्रबंधन से गैरकानूनी कटौती तत्काल बंद करने की मांग की है। साथ ही श्रमिकों और श्रमिक संगठनों से अपील की गई है कि विश्वकर्मा पूजा के लिए प्रत्येक श्रमिक से स्वेच्छा से चंदा एकत्र किया जाए। इस मामले को लेकर कोयला मजदूर पंचायत (HMS) के केंद्रीय सचिव संजय सिंह और केंद्रीय उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह तंवर ने 31 अगस्त 2026 को पत्र क्रमांक 334 के माध्यम से केंद्रीय श्रम आयुक्त, तोरवा नाका बिलासपुर, महाप्रबंधक दीपका, स्टाफ ऑफिसर (एचआर) दीपका, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बिलासपुर और निदेशक (एचआर), एसईसीएल बिलासपुर को शिकायत दी। पदाधिकारियों ने केंद्रीय श्रम आयुक्त प्रवीण कुमार से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया और पत्र सौंपा। संगठन के अनुसार श्रम आयुक्त ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए वेतन से की जा रही कटौती को गलत बताया और दीपका प्रबंधन को मोबाइल के माध्यम से अवैध कटौती रोकने के निर्देश दिए। संगठन ने कहा है कि यदि मजदूरों के वेतन से 500 रुपये की कटौती तत्काल प्रभाव से बंद नहीं की गई तो 14 दिन बाद आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।