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हरियाणा: सांसी समाज की महापंचायत, फिजूलखर्ची व कुरीतियों पर लिए सख्त फैसले

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हरियाणा  Published by: Anil , Date: 06/04/2026 03:14:11 pm Share:
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  • 06/04/2026 03:14:11 pm
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संक्षेप

हरियाणा: आज हांसी शहर में स्थित विश्रामगृह में सांसी समाज के सभी खापों के बुद्धिजी वों की अध्यक्षता में एक महापंचायत का आयोजन किया गया।

विस्तार

हरियाणा: आज हांसी शहर में स्थित विश्रामगृह में सांसी समाज के सभी खापों के बुद्धिजी वों की अध्यक्षता में एक महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत सर्व समिति से फैसला लिया गया कि शादियों में फिजूलखर्ची और सामाजिक कुरीतियों पर  पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने सांसी समाज को नई दिशा देने और पुरानी कुरीतियों को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से आज हांसी शहर सांसी समाज की महापंचायत में आए सभी  बुद्धजियों ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संविधान निर्माता भारत रत्न के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए समाज की प्रबंधक कमेटी द्वारा भाईचारे की एक विशाल सांझी महापंचायत  में सर्वसम्मति से शादियों में बढ़ती फिजूलखर्ची, नशा और अशिक्षा खापों की मजबूती व अनुशासन जैसे गंभीर विषयों पर कड़े निर्णय लेते हुए कई ऐतिहासिक पाबंदियाँ लगाने की शपथ ग्रहण की गई हैं। विशेष तौर से बिरादरी के सभी प्रमुख बुद्धिजीवीयो. कार्यकर्ताओं ने यह  आश्वासन दिया कि हम सब लोग लगातार संघर्ष करते हुए समाज सुधार में कार्य करेंगे, चाहे हमें कितनी भी कठिनाइयों का सामना करना पड़े। शादी-रस्मों में सुधार: दहेज ना लेने वाले परिवारों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। बारात की संख्या कम से कम हो। बारात का समय पर पहुंचना।  साथ में भातीयों का भी समय पर पहुंचना।

 

रिंग सेरेमनी जैसे अनावश्यक कार्यक्रमों और शादी में शराब के स्टाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मिलनी की रस्म को सादगी से करने और शगुन के तौर पर सामान्य व सम्मानजनक उपहार देने का निर्णय लिया गया। मृत्यु भोज को सीमित करते हुए के पुरानी  प्रथा की रस्मों को भी खत्म करने का आह्वान किया। गाँव को नशा मुक्त बनाने के लिए नशा बेचने वालों को भाईचारे के नाते समझा कर इस कार्य को छोड़कर सभ्य कार्य किए जाएं। सोशल मीडिया पर बच्चों (खासकर लड़कियों) की अनावश्यक पोस्ट डालने पर रोक लगाई गई है; केवल शिक्षा और खेलकूद से संबंधित सामग्री ही साझा की जा सकेगी। बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और सुविधा प्रदान करने पर जोर दिया गया। सांसी समाज का  एक मजबूत संगठन बनाने के लिये और भी अन्य साथियों को शामिल किया गया। इन निर्णयों को धरातल पर लागू करवाने के लिए सभी खापों बुद्धिजीवों के माध्यम से  गाँव / शहर में नुक्कड़ सभाओ का आयोजन किया जाएगा।