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 उत्तर प्रदेश: बोलेरो में लगी आग, एक ही के परिवार कई लोगों की दर्दनाक मौत

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , Date: 24/04/2026 12:00:49 pm Share:
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  • 24/04/2026 12:00:49 pm
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विस्तार

उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर के ड्रमंडगंज घाटी में बीती रात करीब नौ बजे हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। अनियंत्रित ट्रक की टक्कर के बाद बोलेरो में लगी आग में कई लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। जब मृतकों के शव गांव पहुंचे, तो परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो उठा।
 
हादसे की भयावह कहानी

जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के रीवा जिले के त्योथर गांव में ब्याही अरुण सिंह की बहन प्रियंका, पत्नी कमलेश सिंह ने मैहर देवी धाम में अपने भतीजे शिवा के मुंडन संस्कार की मनौती मानी थी। धार्मिक अनुष्ठान पूरा कर परिवार के लोग घर लौट रहे थे, तभी ड्रमंडगंज घाटी में यह दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। हादसे में अरुण सिंह के परिवार के कई सदस्य काल के गाल में समा गए। बताया गया कि उनके बड़े भाई प्रदीप सिंह, जो बुलंदशहर के मूकबधिर विद्यालय में अध्यापक हैं, उनकी 46 वर्षीय पत्नी बीना सिंह भी अपने बेटे और बेटी के साथ कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

 प्रशासन की मौजूदगी में शव गांव पहुंचे

दोपहर करीब एक बजे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एसडीएम सदर गुलाब चंद्र और पुलिस क्षेत्राधिकारी लालगंज अमर बहादुर पुलिस बल के साथ शवों को लेकर मृतकों के घर पहुंचे। शवों के पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया और हर आंख नम हो गई। परिवार के सदस्य जयशंकर सिंह ने बताया कि छोटे भाई प्रदीप सिंह के आने का इंतजार किया जा रहा है। उनके पहुंचने के बाद हरगढ़ स्थित विमलेश्वर महादेव महाश्मशान घाट पर एक साथ छह शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा—यह दृश्य पूरे क्षेत्र को झकझोर देने वाला होगा।

चालक की भी गई जान

इस हादसे में रामपुर हंसवार गांव निवासी बोलेरो चालक 40 वर्षीय बिष्णु सिंह, पुत्र स्वर्गीय माताचरन की भी दर्दनाक मौत हो गई। बिष्णु सिंह गुजरात में रिलायंस पेट्रोकेमिकल्स में टैंकर चालक के रूप में कार्यरत थे और दस दिन पहले ही गांव आए थे। गांव के ही सगुन सिंह के अनुरोध पर वे बोलेरो लेकर मैहर धाम गए थे, जहां से लौटते समय यह हादसा हो गया। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल मृतकों के परिवारों को तोड़कर रख दिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। हर कोई इस हादसे से स्तब्ध है और मृतकों को नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहा है।ड्रमंडगंज घाटी का यह हादसा एक ऐसी त्रासदी बन गया है, जिसने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। अब गांव में सिर्फ सन्नाटा, आंसू और अपनों को खोने का गहरा दर्द बाकी रह गया है।