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गुजरात: यात्रियों के गहने उड़ाने वाले रिक्शा गिरोह का भंडाफोड़, 3.51 लाख का हुआ माल बरामद
- Photo by : social media
संक्षेप
गुजरात: मेहसाना स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने यात्रियों को रिक्शा में बैठाकर उनका ध्यान भटकाने और सोने के आभूषण चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
विस्तार
गुजरात: मेहसाना स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने यात्रियों को रिक्शा में बैठाकर उनका ध्यान भटकाने और सोने के आभूषण चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 3.51 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण, एक मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल किया गया रिक्शा बरामद किया है। मामले में गिरोह के तीन अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम और लंबित मामलों के खुलासे के लिए रेंज डीआईजी वीरेंद्रसिंह यादव और पुलिस अधीक्षक हिमांशु सोलंकी के निर्देश पर एलसीबी की विशेष टीम कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान एलसीबी को गुप्त सूचना मिली कि कड़ी-नंदासन मार्ग से आने वाला एक रिक्शा चालक यात्रियों का ध्यान भटकाकर उनके गहने चोरी करता है। सूचना के आधार पर एलसीबी की टीम ने अहमदाबाद-नंदासन-मेहसाना हाईवे स्थित बेचराजी तिराहे पर निगरानी रखी और संदिग्ध रिक्शा को रोककर चालक नवाज़ शरीफ़ यूसुफभाई रसूलभाई मंडलिक (32) निवासी काड़ी, मेहसाना को हिरासत में लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से11.550 ग्राम वजन की सोने की चेन, 1.960 ग्राम की सोने की बालियां, एक मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल किया गया रिक्शा बरामद किया। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 3.51 लाख रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर 30 जुलाई 2026 को छत्राल क्षेत्र की एक महिला यात्री को रिक्शा में बैठाकर उसके बैग से सोने के आभूषण चोरी किए थे। जांच में गिरोह की कार्यप्रणाली भी सामने आई। गिरोह के सदस्य पहले से ही यात्री बनकर रिक्शा में बैठ जाते थे। इसके बाद असली यात्री को बीच में बैठाकर बातचीत के बहाने उसका ध्यान भटकाया जाता था और मौका मिलते ही उसके बैग या पर्स से नकदी व गहने निकाल लिए जाते थे। चोरी के बाद आरोपी किसी बहाने से पीड़ित को बीच रास्ते उतारकर फरार हो जाते थे। इस मामले में कलोल तालुका पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 54 के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तार आरोपी और बरामद माल को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थाने को सौंप दिया गया है। वहीं, गिरोह के फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।