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उत्तर प्रदेश: स्वामी स्वरूपानंद बोले ईमानदारी, धर्म और भक्ति से मिलती है भगवान की विशेष कृपा

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उत्तर प्रदेश  Published by: Gourav Kumar , Date: 01/08/2026 03:53:45 pm Share:
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  • 01/08/2026 03:53:45 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: झिंझाना धार्मिक भक्ति समाज के संस्थापक स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज ने सत्संग के दौरान कहा कि सच्चे संत अपना जीवन मान सम्मान और धन वैभव के लिए नहीं जीते बल्कि मनुष्यों के कल्याण के लिए जीते हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: झिंझाना धार्मिक भक्ति समाज के संस्थापक स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज ने सत्संग के दौरान कहा कि सच्चे संत अपना जीवन मान सम्मान और धन वैभव के लिए नहीं जीते बल्कि मनुष्यों के कल्याण के लिए जीते हैं। उन्होंने अपने भक्तों से भी आवाहन किया कि अपने नौकरी या कोई भी व्यवसाय पूरी ईमानदारी और धर्म के साथ करेंगे तो जीवन में भगवान की विशेष कृपा मिलती रहेगी। कस्बे के मंदिर ठाकुरद्वारा के सत्संग भवन में धार्मिक भक्ति समाज द्वारा संध्याकालीन सत्संग चल रहा है। परमहंस वीतराग स्वामी दयानंद गिरी जी महाराज के परम शिष्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज अपने प्रवचन के माध्यम से अपने भक्तों का जीवन रूपी मार्ग प्रशस्त करने में लगे हैं।

 

गुरुवार की देर शाम आयोजित आधा घंटे के सत्संग में उन्होंने बताया कि नौकरी हो या निजी व्यवसाय या फिर कोई भी काम हो.. इंसान को अपनी पूरी ईमानदारी और धर्म के साथ पूरा करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में सभी प्रकार से भगवान की कृपा मिलती है। सच्चे संतों के बारे में उन्होंने कहा कि सद्गुरु साक्षात परब्रह्म होते है। और उच्च कोटि के संत जीवन में मान अपमान धन और यश के लिए नहीं अपितु भक्तों के कल्याण के लिए जीते हैं। और मानव - तप , भक्ति और कर्म योग में जो भी सुगमता से हो सके, भगवान को प्राप्त कर सकते हैं। सत्संग के अंत में रोजाना की तरह प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।