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हरियाणा: जलभराव से राहत के लिए 5 हजार फीट लंबी आरसीसी पाइपलाइन की बनी योजना, चार गांवों के किसानों को होगा फायदा

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हरियाणा  Published by: Anil , Date: 25/08/2026 11:32:55 am Share:
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  • 25/08/2026 11:32:55 am
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हरियाणा: गांव भाटोल, खरकड़ा जीतपुर और बडाला क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने पहल शुरू की है। सोमवार को एसडीएम राजेश खोथ ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। ग्रामीणों ने बताया कि नेशनल हाईवे-9 से गांव की ओर आने वाले क्षेत्र के साथ जीतपुरा, भाटोल जाटान, भाटोल रागड़ान समेत आसपास के गांवों की करीब 3 हजार एकड़ कृषि भूमि जलभराव से प्रभावित होती है। अधिक बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे किसानों को फसल की बुआई और उत्पादन में परेशानी होती है। किसानों ने जल निकासी के स्थायी समाधान की मांग रखी।

एसडीएम राजेश खोथ ने बताया कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विधायक विनोद भयाना और डीसी राहुल नरवाल के स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए करीब 5 हजार फीट लंबी आरसीसी अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने की योजना तैयार की जा रही है। पाइपलाइन का आउटफॉल बीएमपीसी ड्रेन में दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र का अतिरिक्त पानी व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाला जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन के रूट का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद पाइपलाइन कहां से शुरू होकर कहां तक जाएगी, इसका पूरा रूट तय किया जाएगा। योजना में ग्रामीणों के सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है।

किसानों की बिजली संबंधी मांग पर एसडीएम ने बताया कि क्षेत्र में चार स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगाने की मांग को लेकर बिजली निगम के अधिकारियों से बातचीत की गई है। इनमें से दो स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं, जबकि दो अन्य स्थानों पर जल्द ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। एसडीएम ने कहा कि किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। जलभराव की समस्या दूर होने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और कृषि भूमि का बेहतर उपयोग हो सकेगा। इस दौरान एसडीएम राजेश खोथ ने भाटोल रागड़ान गांव के विद्यालय में त्रिवेणी का पौधारोपण भी किया। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।