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राजस्थान: नया सफर योजना से पुराने वाहनों की जगह मिलेंगे पर्यावरण अनुकूल नए वाहन

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 30/06/2026 11:24:19 am Share:
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  • 30/06/2026 11:24:19 am
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राजस्थान: कोटपूतली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वाहन जनित प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की जा रही ‘नया सफर योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने की। इस दौरान ट्रक एवं बस यूनियन पदाधिकारियों, ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों के संचालकों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में एडीएम ओमप्रकाश सहारण एवं डीटीओ सुनील कुमार सैनी ने योजना के तहत मिलने वाले लाभों और प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। जिला कलक्टर ने कहा कि ‘नया सफर योजना’ के तहत बीएस-4 एवं उससे कम मानकों वाले पुराने वाहनों को हटाकर बीएस-6, इलेक्ट्रिक और सीएनजी आधारित नए वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य अधिक प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप कर स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को बढ़ावा देना है।

एडीएम सहारण ने बताया कि योजना के तहत बीएस-4 ट्रक एवं बसों को बेचने तथा बीएस-3 एवं निम्नतर श्रेणी के वाहनों को पंजीकृत स्क्रैप सेंटर पर स्क्रैप करवाकर नए वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर एवं पंजीयन शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अलावा वाहन ऋण पर पांच वर्ष तक 5 प्रतिशत ब्याज छूट, प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र शुल्क में अधिकतम 4800 रुपये तक की राहत, पुराने वाहन पर बकाया कर में छूट तथा वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से वाहन कीमत में 8 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान किया गया है। डीटीओ सुनील कुमार सैनी ने बताया कि योजना के अंतर्गत क्षेत्र में पंजीकृत बीएस-4 एवं निम्नतर श्रेणी के 230 एलजीवी, एमजीवी एवं एचजीवी भार वाहन, 85 यात्री वाहन तथा 131 स्कूल बसों के वाहन स्वामी लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बीएस-4 वाहनों का प्रतिस्थापन एनसीआर क्षेत्र और नॉन-अटेनमेंट सिटीज को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।

बैठक में शिक्षण संस्थानों के संचालकों को भी योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि स्कूलों में संचालित पुरानी बसों को नई एवं सुरक्षित बसों से बदलकर योजना का लाभ लिया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने कहा कि ‘नया सफर योजना’ स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों और संस्थानों से योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की, ताकि पात्र वाहन स्वामी इसका लाभ उठाकर आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल वाहनों को अपना सकें। बैठक में जिला रसद अधिकारी शशि शेखर शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद, जिला परिवहन निरीक्षक पवन कुमार, तकनीकी शिक्षक रवि अश्विनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और शिक्षण संस्थानों के संचालक उपस्थित रहे।
 

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