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उत्तर प्रदेश: रामपुर मनिहारान में जैनामृत शिक्षण शिविर बना श्रद्धा, ज्ञान और संस्कारों का केंद्र

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ghanshyam Das , Date: 30/06/2026 03:18:32 pm Share:
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  • 30/06/2026 03:18:32 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: रामपुर मनिहारान परम पूज्य आचार्य श्री 108 भारत भूषण जी महाराज के पावन सानिध्य एवं मंगल मार्गदर्शन में रामपुर मनिहारान में आयोजित जैनामृत शिक्षण शिविर श्रद्धा, ज्ञान एवं संस्कार का अनुपम संगम बन गया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: रामपुर मनिहारान परम पूज्य आचार्य श्री 108 भारत भूषण जी महाराज के पावन सानिध्य एवं मंगल मार्गदर्शन में रामपुर मनिहारान में आयोजित जैनामृत शिक्षण शिविर श्रद्धा, ज्ञान एवं संस्कार का अनुपम संगम बन गया है। शिविर में छोटे बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। आचार्य श्री ने अपने ओजस्वी एवं सरल प्रवचनों के माध्यम से जैन धर्म के मूल सिद्धांतों का अत्यंत सहज एवं प्रेरणादायी ढंग से विवेचन किया। उन्होंने बताया कि मानव जीवन को श्रेष्ठ एवं कल्याणकारी बनाने के लिए पाँच पाप—हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील तथा परिग्रह—का त्याग आवश्यक है। साथ ही चार कषाय—क्रोध, मान, माया और लोभ—को आत्मा के सबसे बड़े शत्रु बताते हुए उनसे मुक्त होने का संदेश दिया। शिविर में आचार्य श्री ने जैन धर्म के दस धर्म—उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य तथा उत्तम ब्रह्मचर्य—का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि इन दिव्य गुणों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति आत्मिक उन्नति के साथ समाज एवं राष्ट्र के लिए भी आदर्श बन सकता है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को संस्कारवान बनने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, सत्य, अहिंसा, अनुशासन और सदाचार को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी। शिविर में प्रश्नोत्तर एवं संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया, जिससे सभी को जैन दर्शन की गहन एवं व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई।

 


जैनामृत शिक्षण शिविर का उद्देश्य समाज में नैतिक मूल्यों, धार्मिक चेतना एवं संस्कारों का प्रसार करना है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्मज्ञान का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के प्रेरणादायी मार्गदर्शन की सराहना करते हुए इसे समाज में आध्यात्मिक जागरण एवं संस्कार निर्माण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताया। इस दौरान जैन समाज के प्रधान मनोज जैन, महामंत्री निपुण जैन, डॉ राजेश जैन, संजय जैन, शशांक जैन, अमित जैन, शुभम जैन, आर्जव जैन, भूपेंद्र जैन, अभिषेक जैन, प्रदीप जैनकन्नू, नीरज जैन, श्याम लाल जैन, आकाश जैन, सहित समाज के सैकड़ों महिला पुरुष मौजूद रहे।