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गुजरात: बलात्कार पीड़िताओं के न्याय और पुनर्वास में समाजसेवी संस्थाओं ने निभाई अहम भूमिका 

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गुजरात  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 15/06/2026 11:05:16 am Share:
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  • 15/06/2026 11:05:16 am
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संक्षेप

गुजरात: कलोल न्याय एवं अधिकार समिति राजपूत रणजीत, कलोल (गांधीनगर) एवं अखिल भारत समाज सेवा संगठन ने कहा है कि देश में बलात्कार की घटनाएं एक गंभीर सामाजिक और कानूनी चुनौती बनी हुई हैं।

विस्तार

गुजरात: कलोल न्याय एवं अधिकार समिति राजपूत रणजीत, कलोल (गांधीनगर) एवं अखिल भारत समाज सेवा संगठन ने कहा है कि देश में बलात्कार की घटनाएं एक गंभीर सामाजिक और कानूनी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे मामलों में जब सरकारी प्रतिक्रिया धीमी या अपर्याप्त प्रतीत होती है, तब समाजसेवी संस्थाएं और गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) पीड़िताओं को न्याय, सुरक्षा और पुनर्वास दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समिति ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़िताओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा सुविधा, कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। वहीं आपात स्थिति में 112 तथा महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में निर्भया फंड के तहत आर्थिक सहायता की भी व्यवस्था की गई है।

समिति के अनुसार, समाजसेवी संस्थाएं पीड़िताओं को निःशुल्क कानूनी सहायता, सुरक्षित आश्रय, शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ मानसिक आघात से उबरने के लिए काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता भी प्रदान करती हैं। समिति ने बताया कि पीड़िताओं की सहायता के लिए विभिन्न संस्थाएं कार्यरत हैं, जिनमें पीपल अगेंस्ट रेप इन इंडिया (PARI), राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) तथा सत्यार्थी फाउंडेशन प्रमुख हैं। ये संस्थाएं कानूनी सहायता, परामर्श और पुनर्वास संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। न्याय एवं अधिकार समिति ने समाज से महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने तथा पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए सभी वर्गों से सहयोग करने की अपील की है।