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उत्तर प्रदेश: सीबीएसई की डीएलडी कार्यशाला में 52 शिक्षकों ने सीखी कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई की बारीकियां

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ghanshyam Das , Date: 26/08/2026 10:28:20 am Share:
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  • 26/08/2026 10:28:20 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बबराला जिला संभल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद् (सीबीएसई), नोएडा ज़ोन के निर्देशानुसार 24 अगस्त 2026 को डीएवी फर्टिलाइज़र पब्लिक स्कूल, बबराला में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर एक दिवसीय डीएलडी कार्यशाला का आयोजन किया गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बबराला जिला संभल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद् (सीबीएसई), नोएडा ज़ोन के निर्देशानुसार 24 अगस्त 2026 को डीएवी फर्टिलाइज़र पब्लिक स्कूल, बबराला में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर एक दिवसीय डीएलडी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में आयोजक विद्यालय सहित जनपद संभल के विभिन्न विद्यालयों से कुल 52 शिक्षकों ने सहभागिता की। इनमें डीएवी फर्टिलाइज़र पब्लिक स्कूल, बबराला, बाल विद्या मंदिर, संभल, अकादमी ऑफ मॉडर्न लर्निंग, जेकेईटी कॉन्वेंट स्कूल, जुनावई, सिल्वर स्टोन पब्लिक स्कूल, बहजोई, सेंट मेरीज़ अकादमी, अखबंदपुर, संभल तथा केवीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सिहावली, संभल के शिक्षक शामिल रहे। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, गणितीय तर्क, अंतर्विषयी शिक्षण, वास्तविक जीवन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग तथा इसके नैतिक एवं उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग से परिचित कराना था। विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने विषय-आधारित केस पेपर प्रस्तुत करते हुए अपने श्रेष्ठ शिक्षण-अभ्यास एवं अनुभव साझा किए। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

 

विद्यालय के प्राचार्य श्री आनन्द स्वरूप सारस्वत ने कायनात ग्लोरियस पब्लिक स्कूल, रजपुरा के प्राचार्य श्री एस. आर. पांडा का स्वागत किया। श्री सारस्वत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को सक्षम, कुशल एवं तार्किक बनाना है। उन्होंने शिक्षकों से कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को कक्षा-कक्ष तक पहुँचाकर विद्यार्थियों में समस्या-समाधान, तार्किक चिंतन एवं सृजनात्मकता विकसित करने का आह्वान किया। इस कार्यशाला में श्री प्रह्लाद मिश्रा, श्री सुमित त्यागी, श्री विपिन कुमार, श्री अनुराग वार्ष्णेय, श्री शुभम अग्रहरि, श्री संजीव जौहरी, श्रीमती अपूर्वा जोशी, श्री सुरेन्द्र सिंह एवं श्रीमती एकता द्विवेदी ने कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, गणित, खेल-आधारित शिक्षण, अंतर्विषयी शिक्षण, वास्तविक जीवन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग, मूल्यांकन तथा एआई के नैतिक एवं उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग जैसे विषयों पर प्रस्तुतियाँ दीं। विषयगत सत्रों में डीएवी फर्टिलाइज़र पब्लिक स्कूल के श्री प्रह्लाद मिश्रा ने कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की आधारभूत अवधारणाओं एवं एआई रेडीनेस पर प्रकाश डाला। बाल विद्या मंदिर, संभल के श्री सुमित त्यागी तथा श्री विपिन कुमार और अकादमी ऑफ मॉडर्न लर्निंग के श्री अनुराग वार्ष्णेय ने गणितीय तर्क एवं एआई के संबंध पर अपने अनुभव साझा किए।

 

डीएवी फर्टिलाइज़र पब्लिक स्कूल, बबराला से श्री शुभम अग्रहरि ने खेल एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण के माध्यम से कम्प्यूटेशनल थिंकिंग विकसित करने की प्रगतिशील शिक्षण-पद्धति प्रस्तुत की। श्री संजीव जौहरी ने गणितीय तर्क एवं समस्या-समाधान कौशल की भूमिका स्पष्ट की। श्रीमती अपूर्वा जोशी ने विभिन्न विषयों में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग के अंतर्विषयी प्रयोग पर चर्चा की। श्री सुरेन्द्र सिंह ने वास्तविक जीवन में एआई के अनुप्रयोग तथा उसके शिक्षण एवं मूल्यांकन की प्रभावी पद्धतियों पर प्रकाश डाला। जबकि श्रीमती एकता द्विवेदी ने एआई के नैतिक एवं उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग में गोपनीयता, सत्यनिष्ठा और विवेकपूर्ण निर्णय की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में शिक्षकों ने नवीन तकनीकों के प्रभावी एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप कौशल-आधारित एवं भविष्य-केंद्रित शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।


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